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कार क्रैश के बाद मोमोता केंटो की शानदार वापसी, तीसरी बार ऑल जापान खिताब अपने नाम किया

Daihatsu Yonex Japan Open - Day 6
Daihatsu Yonex Japan Open - Day 6
Vivek Goel
SENIOR ANALYST
Modified 28 Dec 2020, 00:30 IST
न्यूज़
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कार क्रैश के कारण 11 महीने चोट के कारण बाहर रहे मोमोता केंटो ने शानदार वापसी की और रविवार को टोक्‍यो में लगातार तीसरी बार ऑल जापान बैडमिंटन खिताब अपने नाम किया। दो बार के विश्‍व चैंपियन मोमोता केंटो ने स्‍वीकार किया कि वर्ल्‍ड नंबर-11 सुनयामा कंटा के खिलाफ फाइनल मुकाबले की शुरूआत में वह थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन पहले सेट में 18-21 से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया। मोमोता केंटो ने फाइनल में सुनयामा कंटा को 18-21, 21-12, 21-17 से मात देकर तीसरी बार ऑल जापान खिताब अपने नाम किया।

मोमोता केंटो ने मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'दूसरे और तीसरे गेम में मैं अपनी पूरी भावनाएं तकनीक या रणनीति से परे होकर झोंकना चाहता था। मेरे ख्‍याल से मैंने अपनी इच्‍छा के बल पर यह मुकाबला जीता है। थाईलैंड ओपन नए साल में शुरू होगा और मैं विदेशी खिलाड़‍ियों के खिलाफ उसमें खेल पाऊंगा। मैं वहां जाना चाहता हूं और दिखाना चाहता हूं कि शीर्ष जापानी खिलाड़ी होने के नाते क्‍या कर सकता हूं।'

मोमोता केंटो के फॉर्म में कोई गिरावट नहीं

मोमोता केंटो ने एएफपी से बातचीत करते हुए कहा, 'मैं 70 प्रतिशत राहत महसूस कर रहा हूं जबकि 30 प्रतिशत खुश हूं। मैं विश्‍व नंबर-1 मोमोता केंटो के रूप में जाना जाता हूं। इसलिए मुझे महसूस होता है कि मुझे हारने की अनुमति नहीं है।'

जनवरी में मलेशिया मास्‍टर्स खिताब जीतने के कुछ घंटों बाद मोमोता केंटो कुआलालुंपुर अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट की तरफ जा रहे थे जब उनकी कार ट्रक के पीछे जाकर गंभीर रूप से टकरा गई थी। मोमोता केंटो चोट के साथ सुरक्षित रहे, लेकिन उनकी कार के ड्राइवर की मौत हो गई। ट्रेनिंग पर लौटने के बाद बाएं हाथ के शटलर मोमोता केंटो को पता चला कि उन्‍हें हर चीज दोहरी दिख रही है और फ्रैक्‍चर आंख के लिए सर्जरी की जरूरत थी।

कोविड महामारी के कारण बैडमिंटन टूर होल्‍ड पर थे। इससे मोमोता केंटो को अपनी पूरी फिटनेस हासिल करने का समय मिल गया। 26 साल के मोमोता केंटो ने ओलंपिक चैनल से हाल ही में बातचीत करते हुए बताया था कि दुर्घटना के बाद कोई नकारात्‍मक परिणाम नहीं दिखा और यह उन्‍होंने टोक्‍यो में करके दिखाया।

सुनयामा के खिलाफ मोमोता केंटो काफ संघर्ष भी किया, जिनकी बड़ी जीत 2018 थाईलैंड ओपन में आई थी। वहीं सुनयामा ने आखिरी बार 2017 कनाडा ओपन में मोमोता केंटो को मात दी थी। मोमोता केंटो ने जीत के लिए आखिरी पांच में से चार अंक जीते। चैंपियन ने स्‍वीकार किया, 'इस सप्‍ताह मैंने ज्‍यादा लंबे समय नहीं खेला तो फाइनल में उतरने से पहले काफी डरा हुआ था। मगर मैंने सोचा कि मेरा खेल शुरू हो गया है, तो मुझे वापसी करनी चाहिए और अब खिताब जीतकर खुश हूं।'

महिला सिंगल्‍स फाइनल में 2017 की विश्‍व चैंपियन ओकुहरा नोजोमी ने पूर्व नंबर-1 यामागुची अकाने को निर्णायक सेट में 22-20 से मात देकर खिताब जीता। हक्‍कू ने मुकाबला 17-21, 21-14, 22-20 से जीता।

Published 28 Dec 2020, 00:30 IST
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