पीवी सिंधू ने कहा- मुझे नहीं लगता कि पैसों की जरूरत है, ज्‍यादा मेडल्‍स जीतना बड़ी बात

पीवी सिंधू
पीवी सिंधू

दुनिया की सबसे शानदार महिला शटलर्स में से एक पीवी सिंधू फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में 13वीं सबसे अमीर महिला एथलीट बनीं। 2018 में बीडब्‍ल्‍यूएफ वर्ल्‍ड टूर फाइनल्‍स और 2019 विश्‍व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पीवी सिंधू की कोशिश आने वाले समय में ज्‍यादा से ज्‍यादा मेडल्‍स जीतने की है। पिछले साल पीवी सिंधू की कमाई करीब 5.5 मिलियन डॉलर पाई गई थीं, जिससे वह भारत की सबसे ज्‍यादा कमाई करने वाली महिला एथलीट बनी थीं। इसके साथ दो टूर्नामेंट में खिताब जीतने से पीवी सिंधू की लोकप्रियता में चार चांद लग गए।

पीवी सिंधू ने कहा कि उनका पूरा ध्‍यान अब मेडल जीतने पर लगा है। अगले साल टोक्‍यो गेम्‍स आने वाले हैं, जहां पीवी सिंधू के पास अपने सिल्‍वर मेडल को गोल्‍ड मेडल में बदलने का मौका होगा। याद हो कि चार साल पहले रियो गेम्‍स में पीवी सिंधू ने ओलंपिक्‍स में महिला सिंगल्‍स में सिल्‍वर मेडल जीता था।

पीवी सिंधू ने एक चैनल से बातचीत करते हुए कहा, 'फोर्ब्‍स लिस्‍ट में अपना नाम देखकर काफी खुश थी। वहां अन्‍य सुपरस्‍टार खिलाड़‍ियों के साथ होने से प्रोत्‍साहन मिला न कि ध्‍यान भटका। मुझे शूटिंग पर जाना पसंद है क्‍योंकि यह मेरे लिए बैडमिंटन से कुछ अलग है। मुझे नहीं लगता कि अब मुझे पैसों की ज्‍यादा जरूरत है। हां ज्‍यादा मेडल्‍स जीतना बड़ी चीज है। मेडल जीतने से पैसे आएंगे।'

पीवी सिंधू की खूबी पिता ने बताई

पीवी सिंधू के पिता पीवी रमन्‍ना भारतीय वॉलीबॉल टीम के सदस्‍य रहे, जिसने 1986 में एशियाई गेम्‍स में ब्रॉन्‍ज मेडल जीता था। पीवी रमन्‍ना को 2000 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया था। उन्‍होंने कहा कि उनकी सुपरस्‍टार बेटी पीवी सिंधू में अब भी मूल्‍य हैं, जिसका उन्‍हें लगता है कि सभी एथलीट्स को पालन करना चाहिए। रमन्‍ना ने कहा, 'पीवी सिंधू में वहीं मूल्‍य हैं क्‍योंकि हमें कभी अपना पुराना समय नहीं भूलना चाहिए कि हम कहां से आएं हैं। अगर हमारे दिमाग में वो है, तो हम अपने आप ही जमीन से जुड़े रहेंगे। मूल्‍य तो वैसे ही रहने चाहिए।'

पीवी सिंधू ट्रेनिंग पर लौटी

रियो ओलंपिक की सिल्‍वर मेडलिस्‍ट पीवी सिंधू कोरोना वायरस महामारी के बीच ट्रेनिंग पर लौट आई हैं। हैदराबाद में ओलंपिक आशाओं के लिए गोपीचंद एकेडमी में अभ्‍यास करने की अनुमति दी गई हैं। पीवी सिंधू ने शुक्रवार को सुबह के सत्र में पुलेला गोपीचंद और पार्क ताए-सांग की निगरानी में अभ्‍यास किया। पीवी सिंधू को अभी जोखिम उठाने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण अक्‍टूबर तक कोई टूर्नामेंट आयोजित होने वाला नहीं है। पीवी सिंधू के पास पूरा मौका है कि वह अपनी सर्वश्रेष्‍ठ फिटनेस हासिल करें और फिर कोर्ट पर धूम मचाएं।

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