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CWG 2022 : बॉक्सिंग में निखत, लोवलीना से देश को पदक की आस, अमित पंगाल, शिवा थापा पर भी नजर

निखत जरीन 50 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की ओर से प्रतिभाग करेंगी।
निखत जरीन 50 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की ओर से प्रतिभाग करेंगी।

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में इस बार भारत की दो खिलाड़ियों पर सभी खेल प्रेमियों की निगाहें रहने वाली हैं। ये हैं बॉक्सर निखत जरीन और लोवलीना बोर्गोहिन। निखत ने जहां हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीता वहीं लोवोलीना टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीतने में कामयाब रही थी। इन दोनों के साथ ही कुल 12 मुक्केबाजों का दमदार दल भारत की ओर से बर्मिंघम में दम दिखाएगा।

खेलगोल्डसिल्वरब्रॉन्ज
1970 एडिनबरॉह001
1974 क्राइस्टचर्च011
1978 एलबर्टा001
1982 ब्रिसबेन001
1990 ऑकलैंड001
1994 विक्टोरिया, कनाडा001
1998 कुआलालम्पुर010
2002 मैनचेस्टर111
2006 मेलबर्न122
2010 दिल्ली304
2014 ग्लासगो041
2018 गोल्ड कोस्ट333
कुल81217

भारत कॉमनवेल्थ खेलों में बॉक्सिंग की स्पर्धाओं में पदक जीतता आ रहा है। पहली बार साल 1970 के एडिनबर्ग खेलों में भारत को बॉक्सिंग में मेडल मिला था। शिवाजी भोंसले ने तब वेल्टरवेट कैटेगरी में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। इस बार भी मुक्केबाजों से उम्मीद है कि वो देश की पदक तालिका में अच्छा योगदान करेंगे -

निखत जरीन - इस बार बॉक्सिंग में सबसे बड़ी उम्मीद निखत जरीन हैं जो हाल ही में 52 किलोग्राम वर्ग में विश्व चैंपियन बनीं। निखत कॉमनवेल्थ खेलों में 50 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लेंगी और गोल्ड के लिए पंच लगाएंगी। निखत पूर्व यूथ और जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भी हैं, ऐसे में उनके खेल पर सभी को भरोसा है।

लोवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ में पदक की आस जगाई है।
लोवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ में पदक की आस जगाई है।

लोवोलीना बोर्गोहिन - टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं की वेल्टरवेट कैटेगरी में असम की लोवोलीना बोर्गोहिन ने कांस्य पदक जीता। दो बार विश्व चैंपियनशिप का ब्रॉन्ज जीत चुकी बोर्गोहिन ने हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में पूर्व विश्व विजेता चेन निएन-चिन को हराया था।

इनके अलावा 48 किलोग्राम वर्ग में नीतू गंघास और 60 किलोग्राम भार वर्ग में जैसमीन लम्बोरिया भारत की ओर से भाग ले रही हैं।

अमित पंघाल - पुरुषों की 51 किलोग्राम भार वर्ग प्रतियोगिता में अमित पंघाल भाग ले रहे हैं। 2019 की विश्व चैंपियनशिप में पंघाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था और 2020 में बॉक्सिंग विश्व कप में गोल्ड जीतने में कामयाब रहे। पंघाल टोक्यो ओलंपिक में भी खेले थे लेकिन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। अब बर्मिंघम में पदक जीतकर पंघाल टोक्यो की निराशा को दूर करना चाहेंगे।

शिवा थापा - 28 साल के थापा 2015 में दोहा में विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रहे थे। लंदन ओलंपिक खेलों में क्वालीफाई करने वाले शिवा सबसे युवा बॉ्क्सर थे और 5 बार एशियाई चैंपियनशिप में मेडल जीतने में कामयाब रहे हैं।

मोहम्मद हुस्सामुद्दीन - 2018 गोल्ड कोस्ट खेलों में हुस्सामुद्दीन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार हुस्सामुद्दीन 57 किलोग्राम भारत की ओर से खेलेंगे।

इनके अलावा रोहित टोकस (67 किलोग्राम), सुमित कुंडु (75 किलोग्राम), आशीष कुमार (80 किलोग्राम), संजीत कुमार (92 किलोग्राम) और सागर (92+ किलोग्राम) भी पुरुष मुक्केबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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Edited by Prashant Kumar
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