IND vs NZ Final Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में अब 48 घंटे से भी कम का समय रह गया है। रविवार, 9 मार्च को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें खिताब जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगाती नजर आएंगी। भारत-न्यूजीलैंड, दोनों ही ग्रुप ए में शामिल थे और अपने प्रदर्शन से विरोधी टीमों को धूल चटाने का काम किया। सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया का बैंड बजाया, जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराया। अब इनके बीच इस बात की होड़ होगी कि खिताब कौन अपने नाम करेगा।
वैसे तो हालिया प्रदर्शन को देखते हुए न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं लिया जा सकता है लेकिन हम आपको इस आर्टिकल में वो 3 बड़े कारण बताने जा रहे हैं कि क्यों भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का टाइटल जीत सकती है।
3. दुबई की परिस्थितियों से भारत अच्छी तरह से वाकिफ
टीम इंडिया ने अपने सभी मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले हैं। ऐसे में उसे अच्छे से पता है कि यहां पर परिस्थितियां किस तरह की हैं और पिच कैसा व्यवहार करती है। न्यूजीलैंड ने भी दुबई में एक मैच भारत के खिलाफ खेला है, जिसमें उसे हार मिली थी। वहीं भारत अभी तक यहां 4 मैच खेल चुका है और सभी में जीत दर्ज की है, जिससे साफ पता चलता है कि टीम इंडिया का पलड़ा भारी है।
2. मजबूत स्पिन विभाग
दुबई में अब तक स्पिनर्स का बोलबाला देखने को मिला है, जिसका फायदा भारत को खूब मिला है। भारत पिछले दो मैचों से तो चार स्पिनर्स के साथ उतर रहा है। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा समझ चुके हैं कि यहां कामयाब होने के लिए स्पिन विभाग का अच्छा होना जरूरी है। भारत के पास कई क्वालिटी स्पिनर हैं, जो मददगार परिस्थितियों का फायदा उठाने में माहिर हैं। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के पास मिचेल सैंटनर और माइकल ब्रेसवेल मौजूद हैं, जबकि ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र का भी विकल्प है। लेकिन इनमें से ज्यादातर भारतीय स्पिनर्स के सामने काबिलियत के मामले में पीछे हैं। इसका फायदा भारत को मिल सकता है।
1. न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया प्रदर्शन का एडवांटेज
भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में हालिया प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। टीम इंडिया ने पिछले 5 वनडे में न्यूजीलैंड को बेहद आसानी से हराया है, ऐसे में रोहित शर्मा ब्रिगेड का आत्मविश्वास काफी ज्यादा होगा। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप स्टेज मैच में भी न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। हालिया प्रदर्शन को देखते हुए फाइनल में भी भारत को जीत का प्रबल दावेदार कहना गलत नहीं होगा।