Virat Kohli 300 ODI match: रविवार को जब भारतीय क्रिकेट टीम चैंपियंस ट्रॉफी के अपने आखिरी लीग स्टेज मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उतरेगी तो विराट कोहली एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगे। यह कोहली के लिए वनडे क्रिकेट में 300वां मुकाबला होगा। वह भारत के लिए 300 वनडे मैच खेलने वाले केवल सातवें क्रिकेटर बनेंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह और मोहम्मद अजहरूद्दीन ने यह उपलब्धि हासिल की है। कोहली ने अपने अब तक के ही वनडे करियर में बहुत सारी उपलब्धियां हासिल की हैं जिनमें 51 वनडे शतक भी शामिल हैं। आइए जानते हैं वो तीन कारण क्यों भारत के लिए 300 वनडे खेलने वाले कोहली आखिरी क्रिकेटर साबित हो सकते हैं।
#3 वनडे मैचों की संख्या में गिरावट
पिछले कुछ सालों में वनडे क्रिकेट में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। टीमें अब पहले के मुकाबले अधिक टेस्ट मैच तो खेल रही हैं, लेकिन इससे वनडे की संख्या में गिरावट आ रही है। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अगर भारत के शेड्यूल को देखें तो 2026 के अंत तक भारतीय टीम जहां 39 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी तो वहीं वे केवल 27 वनडे ही खेलते दिखेंगे। 2023 से लेकर 2027 के चक्र में भारतीय टीम 38 टेस्ट, 42 वनडे और 61 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी।
#2 वर्कलोड मैनेजमेंट
तीनों फॉर्मेट खेलने की चाहत और सभी में अच्छा करने की कोशिश के चलते खिलाड़ी टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल मैच अधिक खेल सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट हर खिलाड़ी के लिए प्राथमिकता होती है। इंडियन प्रीमियर लीग और लगातार अंतराल पर हो रहे टी-20 विश्व कप के कारण खिलाड़ी अधिक टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेल सकते हैं। 2026 से 2030 के बीच तीन टी-20 विश्व कप खेले जाने हैं तो वहीं 2027 और 2031 में दो वनडे विश्व कप होने हैं। वर्कलोड को मैनेज करने और सभी फॉर्मेट के लिए उपलब्ध रहने को लेकर खिलाड़ी वनडे क्रिकेट से दूरी बना सकते हैं।
#1 रोहित शर्मा के अलावा कोई नहीं है करीब
भले ही इस बात की चर्चा हो सकती है कि रोहित शर्मा भी विराट कोहली की तरह 300 वनडे मुकाबला खेल सकते हैं, लेकिन अगले विश्व कप तक उनके लिए अपने करियर को खींच पाना बड़ा मुश्किल होगा। रोहित ने अब तक भारत के लिए 270 वनडे मैच खेले हैं और कोहली के बाद वर्तमान समय में दूसरे सबसे अधिक वनडे खेलने वाले भारतीय हैं।
हालांकि, रोहित की फॉर्म और उम्र को देखते हुए उनके लिए खुद को अगले वनडे विश्व कप तक टीम में बनाए रख पाना बहुत कठिन होगा। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अगले वनडे विश्व कप से पहले भारत के पास केवल 27 वनडे मैच होंगे। ऐसे में भारतीय टीम रोहित की बजाय कुछ अन्य खिलाड़ियों को मौका देकर उन्हें तैयार करना चाहेगी।