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4 विकेटकीपर जो एम एस धोनी के संन्यास के बाद ले सकते हैं उनकी जगह

  • एम एस धोनी का वर्ल्डकप 2019 में खेलना क़रीब क़रीब तय है
Modified 24 Apr 2018, 06:30 IST

कोच रवि शास्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एमएस धोनी 2019 विश्व कप खेलेंगे। लेकिन एक अनुमानित स्थिति के तहत यह मानते हुए कि अगर महेन्द्र सिंह धोनी आज ही अपना पदभार छोड़ने का फैसला करते हैं तो ऐसे कौन से कुछ संभावित उम्मीदवार होंगे जो उनकी जगह सही साबित हो सकते हैं।

पिछले लगभग 13 सालों से एमएस धोनी भारतीय टीम की रीढ़ बने रहे हैं। वह आसानी से कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर की भूमिका में फिट हो सकते हैं जो उन्हें टीम के लिए एक बड़ा वरदान साबित करता है। हालांकि हर महान क्रिकेटर की खुद की भी जिंदगी होती है और जिस तरह घड़ी की सुईयां आगे बढ़ रही हैं ऐसे में एमएस जल्द ही अपने करियर के अंत में पहुंच सकते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं अब यह करिश्माई विकेटकीपर अपने करियर पर फुल स्टॉप लगाने से बहुत दूर नहीं है ऐसे में बीसीसीआई  चयनकर्ताओं के लिए धोनी के उपयुक्त प्रतिस्थापन को ढूंढना बेहद जरूरी है। यहां कुछ असाधारण प्रतिभाशाली विकेटकीपर मौजूद हैं, लेकिन इसका चयन करना बड़ा मुश्किल है कि कौन एमएस के प्रतिस्थापन के लिए सबसे भरोसेमंद साबित होगा। लेकिन चयनकर्ताओं के पास सीमित ओवर के दोनों प्रारूपों में धोनी के लिए सबसे अच्छे संभवाति विकल्प का चुनाव करना होगा, जो उसके स्तर को मैच कर सके।

ऐसे में आज हम नजर डालते हैं ऐसे 4 बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर जिन पर चयनकर्ता अपना आत्मविश्वास दिखा सकते हैं और जो धोनी के संन्यास के बाद उनकी जगह ले  सकते हैं।

#1 दिनेश कार्तिक



 

दिनेश कार्तिक साल 2004 से भारतीय क्रिकेट सर्किल के आस पास घूम रहे हैं। उन्होंने धोनी के पहले अपने अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की लेकिन टीम में अपनी स्थिति को कभी भी बनाये नहीं रख सके, जिससे उनके विकेटकीपिंग को महत्व मिल सके।

हालांकि, तमिलनाडु के बल्लेबाज तत्काल परिस्थितियों में सबसे पसंदीदा रिप्लेसमेंट प्रतीत होते हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने बेहतरीन घरेलू प्रदर्शन के साथ सीमित ओवरों में अपनी जगह पहले ही पक्की कर दी है। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ ट्राई सीरीज़ के फाइनल मुकाबले में कार्तिक ने खुद को साबित करते हुए हार के मुंह से जीत खींच कर ले आये और टीम इंडिया को लगभग असंभव स्थिति से एक अविश्वसनीय जीत दिला दी। इस पारी ने चयनकर्ताओं में विश्वास को प्रेरित किया कि वह उसे एक संभावित फिनिशर के रूप में मान सके।

केकेआर का कप्तान पदभार मिलने के बाद उनका कद बढ़ गया है, जो उनकी क्षमताओं पर टीम प्रबंधन के विश्वास का एक संकेत था। कार्तिक के पक्ष में एक अन्य कारक यह तथ्य है कि वह अच्छी गेंदबाजी लाइनअप के खिलाफ तकनीकी रूप से मजबूत हैं, जिसे उन्होंने इंग्लैंड में 2007 में साबित कर दिया था।

कार्तिक के खिलाफ जाने वाला एकमात्र बिंदु वह है उनकी उम्र, वह 30 के सर्किल में चल रहे हैं और दिन प्रतिदिन उम्र बढ़ेगी ही। लेकिन अगर चयनकर्ता उम्र के साथ नहीं बल्कि मौजूदा फॉर्म के साथ जाने का फैसला करते हैं और तो कार्तिक जल्द ही उस जगह का हिस्सा हो सकते हैं।
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Published 24 Apr 2018, 06:30 IST
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