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बांग्‍लादेश की बल्‍लेबाजी सुधारने के लिए चयनकर्ता ने दी अहम सलाह

टी20 वर्ल्‍ड कप में बांग्‍लादेश के बल्‍लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है
टी20 वर्ल्‍ड कप में बांग्‍लादेश के बल्‍लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है
Vivek Goel
FEATURED WRITER

बांग्‍लादेश (Bangladesh Cricket team) के चयनकर्ता और पूर्व कप्‍तान हबीबुल बशर (Habibul Bashar) ने कहा कि अगर राष्‍ट्रीय टीम को टी20 क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो घरेलू प्रतियोगिताओं में बेहतर बल्‍लेबाजी के विकेट बनाने होंगे।

बांग्‍लादेश का मौजूदा टी20 वर्ल्‍ड कप के सुपर 12 राउंड में प्रदर्शन खराब रहा है। उसे सुपर 12 राउंड के अपने तीनों मुकाबले में शिकस्‍त मिली है। इससे पहले ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड के खिलाफ बांग्‍लादेश ने जीत दर्ज की थी।

उन सीरीज में इस्‍तेमाल हुई स्पिनरों के लिए मददगार पिच की काफी आलोचना हुई थी क्‍योंकि महमूदुल्‍लाह के नेतृत्‍व वाली टीम को चुनौती के लिए तैयार नहीं किया, जो यूएई और ओमान में मिलना थी।

हबीबुल बशर ने कहा, 'ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड के समय की पिच को लेकर काफी बातचीत हुई, लेकिन एक बात याद रखना चाहिए कि ये जीत बहुत जरूरी है। अगर हम टी20 में अच्‍छा प्रदर्शन करना चाहते हैं तो हमें घर में बल्‍लेबाजी विकेट तैयार करने की जरूरत है। घरेलू टी20 टूर्नामेंट में हमें अच्‍छे विकेट नहीं मिलते क्‍योंकि हम एक जैसे विकेट पर बार-बार खेलते हैं, इसलिए हम अच्‍छे नतीजे देने में सफल नहीं होते।'

उन्‍होंने आगे कहा, 'अगर हम पावर हिटर्स चाहते हैं तो हमें सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम घरेलू टी20 टूर्नामेंट में बल्‍लेबाजी के लिए विकेट तैयार करें।'

बल्‍लेबाजों ने किया निराश: बशर

हबीबुल ने माना कि बल्‍लेबाजी ने टूर्नामेंट में बांग्‍लादेश को निराश किया। पापुआ न्‍यू गिनी के अलावा बांग्‍लादेश की टीम पावरप्‍ले और अंतिम ओवरों में संघर्ष करती हुई नजर आई।

बशर ने कहा, 'बल्‍लेबाजी बड़ी चिंता का विषय है और हमारे बल्‍लेबाज श्रीलंका को छोड़कर अन्‍य सभी टीमों के खिलाफ विश्‍व कप तक में संघर्ष करते दिखे। हम उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतरे। हमें पावरप्‍ले की बल्‍लेबाजी में सुधार की जरूरत है। हम अंतिम ओवरों में ज्‍यादा रन नहीं बना पा रहे हैं और ऐसे में हमें पावर हिटर की जरूरत है। हमें ऐसे शक्तिशाली बल्‍लेबाजों की जरूरत है, जो अंतिम ओवरों में 10-12 रन प्रति ओवर बना सकें।'

बांग्‍लादेश की फील्डिंग भी स्‍तरहीन रही है और पूर्व कप्‍तान का मानना है कि यह मानसिक परेशानी हो सकती है। हबीबुल बशर ने कहा, 'हम पर्याप्‍त फील्डिंग अभ्‍यास किया। मेरे ख्‍याल से मनोवैज्ञानिक दबाव लेना ज्‍यादा जरूरी है जब भी हम बड़े मंच या घरेलू ग्राउंड में खेलें। शायद हम मानसिक दबाव के कारण फील्डिंग में अच्‍छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हो।'

उन्‍होंने आगे कहा, 'मगर जिन्‍होंने कैच छोड़े, वो हमारे सर्वश्रेष्‍ठ फील्‍डर्स में से एक हैं। तो हमें सीखने की जरूरत है कि अहम मौकों पर दबाव की स्थिति में कैसे बिखरने से बचना है। हमें इस पर ज्‍यादा काम करने की जरूरत है।'


Edited by Vivek Goel

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