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धोनी जहां के टॉपर हैं मैं वहां अभी पढ़ ही रहा हूं-दिनेश कार्तिक

सावन गुप्ता

हाल ही में निदहास ट्रॉफी के फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर भारतीय टीम को रोमांचक जीत दिलाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि धोनी ने जिस चीज में महारत हासिल कर ली है वो वहां पर अभी सीख ही रहे हैं। कार्तिक ने कहा है कि उनकी और धोनी की तुलना करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी का सफर काफी अलग रहा है और मेरा भी अब तक का सफर काफी अलग रहा है। वो एक बहुत ही अच्छे इंसान हैं। वो एक ऐसे व्यक्ति हैं जो काफी रिजर्व रहते हैं और काफी शर्मीले भी हैं। वो युवा खिलाड़ियों की काफी मदद करते हैं। मुझे लगता है कि उनके साथ मेरी तुलना करना ठीक नहीं है। वो उस युनिवर्सिटी के टॉपर हैं जहां पर मैं अभी पढ़ ही रहा हूं। मैं जहां पर हूं वहां खुश हूं। दिनेश कार्तिक ने आगे कहा कि जब चारों तरफ सिर्फ आपकी ही चर्चा होती है तो अच्छा लगता है। इतने सालो में मैंने जो अच्छे काम किए थे उसी का नतीजा था कि मैं आखिरी गेंद पर वो छक्का लगा सका। वहीं कार्तिक ने ये भी कहा कि मुंबई के क्रिकेटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताने के कारण उन्हें मानसिक रूप से मजबूत होने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल के मेरे क्रिकेट करियर में नायर का काफी अहम योगदान रहा। उन्होंने मुझे गेम के लिए तैयारी करने में मदद की। उन्होंने मुझसे रणनीति बनाकर सोचने को कहा। नायर एक नदी की तरह थे और मैं एक नाव की तरह। गौरतलब है भारतीय टीम ने रविवार को खेले गए मैच में बांग्लादेश को हराकर निदहास ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के हीरो रहे विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक जिन्होंने 8 गेंदों पर ताबड़तोड़ 29 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिला दी। भारतीय टीम को आखिरी दो ओवरो में जीत के लिए 34 रन चाहिए थे और दिनेश कार्तिक की धुआंधार बल्लेबाजी से टीम ने ये मैच जीत लिया। आखिरी गेंद पर टीम को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे और कार्तिक ने सौम्य सरकार की गेंद पर छक्का लगाकर इतिहास रच दिया। इसके बाद कार्तिक ने ट्वीट भी किया था और कहा था कि ये उनके जीवन की सबसे अच्छी रात थी।

कार्तिक ने कहा था कि उस हालात में वो हर गेंद को सीमा रेखा के पार भेजना चाहते थे क्योंकि टीम की जरुरत यही थी

। बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आने से पहले मैं डग आउट में फील्डिंग कोच आर श्रीधर के साथ बैठा था और वो कह रहे थे कि हमें एक या दो बड़े ओवर की जरुरत है। जिस समय मैं बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरा उस समय दो ही ओवर बचे थे और 34 रन चाहिए थे। इसलिए उस वक्त के हिसाब से हर गेंद को सीमा रेखा के पार भेजना जरुरी था। कार्तिक ने कहा कि मैंने विजय शंकर से भी बाउंड्री लगाने को कहा। मैंने उससे छक्का लगाने की बजाय चौका मारने की कोशिश करने को कहा। उस समय मेरा मानना ये था कि अगर वो हिट करने की कोशिश करता है तो उसे रन मिलेंगे और 20वें ओवर में उसने एक अहम चौका लगाया। मैच से पहले कार्तिक ने बयान भी दिया था कि दबाव की इस स्थिति में वह अच्छा प्रदर्शन कर मौके का फायदा उठाना चाहते हैं। कार्तिक ने कहा था कि मेरे लिए हर टूर्नामेंट जरुरी है और उसमें शानदार प्रदर्शन मैं करना चाहता हूँ क्योंकि एक खराब सीरीज उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।


Edited by Staff Editor

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