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'मुझे टीम से निकाले जाने के बारे में ट्विटर पर पता चला था', विश्व कप विजेता खिलाड़ी का बड़ा खुलासा

लियाम प्‍लंकेट
लियाम प्‍लंकेट
Vivek Goel

लियाम प्‍लंकेट ने इंग्‍लैंड के लिए आखिरी बार मुकाबला 2019 विश्‍व कप का फाइनल खेला था। प्‍लंकेट को इंग्‍लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) से जिस तरह बर्ताव मिला, उस पर उन्‍होंने निराशा व्‍यक्‍त की। इंग्‍लैंड का विश्‍व कप के बाद अगला कार्यक्रम न्‍यूजीलैंड दौरा था, लेकिन प्‍लंकेट को ट्विटर पर पता चला कि टीम में उनका नाम शामिल नहीं है।

लियाम प्‍लंकेट ने लॉर्ड्स पर खेले गए 2019 विश्‍व कप फाइनल में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ इंग्‍लैंड की जीत में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तेज गेंदबाज ने 42 रन देकर तीन विकेट झटके थे, जिसमें केन विलियमसन का महत्‍वपूर्ण विकेट शामिल था। मगर इसके बाद से प्‍लंकेट को सभी प्रारूपों से नजरअंदाज किया गया।

इंग्‍लैंड टीम से बाहर होने पर प्‍लंकेट ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मैं देख सकता था कि वो कहां जा रहे हैं। जिस तरह हुआ, वो तरीका ठीक नहीं था। मुझे ट्विटर पर पता चला कि मैं न्‍यूजीलैंड नहीं जा रहा हूं। उन्‍हें निश्चित रूप से मुझे कॉल करना चाहिए था। बस जिस तरह यह किया गया, वो अजीब था। मुझे लगा कि मेरे साथ ईमानदारी नहीं बरती गई।' प्‍लंकेट ने हेडस्‍ट्रॉन्‍ग: एन इनिंग्‍स विथ में अपने विचार बयां किए।

36 साल के ऑलराउंडर को समझ आ रहा था कि प्रबंधन युवाओं को आजमाना चाहता है, लेकिन प्‍लंकेट का मानना था कि फैसला करने वाले लोग इसे अलग तरीके से संभाल सकते थे। प्‍लंकेट ने कहा, 'अगर कोई मुझे कॉल करके बोलता, सुनो, वास्विकता यह है कि हम युवाओं को आजमाना चाहते हैं। आपने जो किया उसके लिए धन्‍यवाद। यह सही तरीके से मामला संभाला जा सकता था। मगर किसी ने मुझे एक फोन नहीं किया।'

ईसीबी से बाद में मुझे कॉल आया: लियाम प्‍लंकेट

इसी बातचीत के दौरान लियाम प्‍लंकेट ने कहा कि ईसीबी चेयरमैन एड स्मिथ का बाद में उन्‍हें फोन आया, लेकिन तब तक राष्‍ट्रीय टीम से बाहर हुए उन्‍हें करीब एक साल हो चुका था। प्‍लंकेट ने कहा, 'इंग्‍लैंड स्‍क्‍वाड जब बबल में था, तब मुझे फोन आया। मेरे ख्‍याल से 40 लोगों (55) का स्‍क्‍वाड था। मुझे एक साल बाद एक स्मिथ का फोन आया। उन्‍होंने कहा, 'दोस्‍त आप टीम में नहीं हैं।' और मुझे लगा कि बहुत देर हो चुकी है। आपको मुझे एक साल पहले कॉल करना चाहिए था। अब तो सब समझ आ गया है। अब फोन करने की जरूरत नहीं थी। बस वो तरीका ठीक होता तो मैं देख पाता कि वो कहां जा रहे हैं।'

2005 में इंटरनेशनल डेब्‍यू करने के बाद लियाम प्‍लंकेट राष्‍ट्रीय टीम में खुद को स्‍थापित करने के लिए संघर्ष करते रहे। मगर 2012 के बाद उनका नया रूप देखने को मिला। प्‍लंकेट ने भले ही 2019 विश्‍व कप में विजेता बनकर उतनी सुर्खियां हासिल नहीं की, लेकिन उन्‍होंने टीम की जीत में महत्‍वपूण्र भमिका निभाई। प्‍लंकेट ने 2019 विश्‍व कप में 7 मैचों में 4.6 की प्रभावी इकोनॉमी के साथ 11 विकेट चटकाए थे।


Edited by Vivek Goel

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