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'भारतीय गेंदबाजों को आक्रामक गेंदबाजी करनी चाहिए'

India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Day 3
India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Day 3

युवा भारतीय टीम (Indian team) का श्रीलंका दौरा समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें भारत की प्रमुख टीम पर हैं। प्रमुख टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बाद छुट्टियां मना रही थी और अब छुट्टियां खत्म होने के बाद टीम के सभी खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ 4 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस सीरीज को दोनों ही टीमों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसी वजह से दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों की नजरें इस पर बनी हुई हैं और सभी पूर्व खिलाड़ी अपनी अपनी राय दे रहे हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी भारतीय गेंदबाजों को सलाह दी है और उन्हें डेक को हिट करते हुए आक्रामकता के साथ गेंदबाजी करने को कहा है।

भारत के समय एक मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है और निश्चित तौर पर भारतीय टीम इस चीज का फायदा उठाना चाहेगी। हालांकि अख्तर का मानना है कि जेम्स एंडरसन और जोफ्रा आर्चर के कारण इंग्लैंड को भारत की तुलना में ज्यादा फायदा होगा लेकिन इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों को अपनी आक्रामकता में कमी नहीं लानी चाहिए।

अख्तर ने हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से कहा कि इंग्लिश गेंदबाजों के पास बढ़त है, खासकर आर्चर और एंडरसन। एंडरसन और विराट कोहली के बीच का इतिहास तो हम सभी जानते हैं। बेशक, उनके पास बढ़त है क्योंकि वे अपनी घरेलू परिस्थितियों में खेल रहे हैं। तेज गेंदबाजों की आक्रामकता उनकी लेंथ में होती है। लोगों को लगता है कि मैं बाउंसर करने की वजह से आक्रामक था, लेकिन नहीं। मैं आक्रामक था क्योंकि मैं लगातार सही जगहों में, और गति के साथ, गति में बदलाव के साथ गेंदबाजी करता था। इसलिए, जो कोई भी भारतीय साइड से (टेस्ट श्रृंखला में खेलता है) जाता है, बस बहुत अधिक आक्रामकता और बहुत गति के साथ डेक को हिट करना याद रखें। और इस वेरिएशन को हर समय करते रहें, जो सबसे अहम बात है।

शोएब अख्तर ने विराट की सचिन से तुलना को गलत बताया था

Somerset v Pakistan Tour match
Somerset v Pakistan Tour match

कुछ दिन पहले अख्तर ने विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना को लेकर भी अहम प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि सचिन जिस एरा में खेले थे वो समय ज्यादा कठिन था क्योंकि वो 50 ओवरों का एरा था और उस समय गेंद भी रिवर्स स्विंग होती थी।

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Edited by Naveen Sharma
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