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आईपीएल 2019: 90 के दशक का एक खिलाड़ी जो प्रत्येक टीम में फिट होता 

Lance Klusner
आशीष कुमार
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एक पल के लिए, हम भूल जाते हैं कि हम 2019 में नहीं बल्कि 90 के दशक में रह रहे हैं। यह वो समय था जब क्रिकेट जगत ने टी-20 के बारे में नहीं सुना था और सिर्फ टेस्ट और वनडे क्रिकेट ही दर्शकों के मनोरंजन का साधन थे।

वनडे क्रिकेट में प्रति ओवर छह रन बनाना भी बल्लेबाजों के लिए चुनौती होता था। ऐसा इसलिए था क्योंकि उस समय पिचें सपाट नहीं थीं, आउटफील्ड तेज़ नहीं थी और बल्लेबाज़ भी अपरंपरागत शॉट्स खेलना पसंद नहीं करते थे। उस दौर में मोहम्मद अजहरुद्दीन, ब्रायन लारा और स्टीव वॉ जैसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अकेले दम पर अपनी टीमों को कई मैच जिताए हैं।

गेंदबाजी विभाग में ग्लेन मैक्ग्रा, वसीम अकरम और एलन डोनाल्ड जैसे गेंदबाज़ हर परिस्थिति में शानदार प्रदर्शन करते थे और दुनिया भर के बल्लेबाज उनसे ख़ौफ खाते थे। अब 2019 में वापस आते हैं और उनके टी-20 प्रारूप में गेंदबाजी करने की कल्पना करते हैं।

यह दिग्गज खिलाड़ी यदि आज के युग में खेल रहे होते तो निश्चित रूप से बहुत ही खतरनाक साबित होते।

तो आइए हम उस युग के खिलाड़ियों को प्रत्येक आईपीएल टीम में उनकी जरूरत के हिसाब से फिट बैठाने की कोशिश करते हैं:

#8. कोलकाता नाइट राइडर्स- माइकल बेवन

Michael Bevan

कोलकाता नाइट राइडर्स बिना किसी संदेह के आईपीएल की शीर्ष टीमों में से एक रही है। दो आईपीएल खिताब जीतने वाली यह टीम इस बार भी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है। वे आईपीएल में लगातार 14 टी-20 जीतने वाली टीम का रिकार्ड भी रखते हैं।

इस टीम ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं लेकिन हमेशा एकजुट होकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है। दिनेश कार्तिक को 2018 की नीलामी के बाद केकेआर का नया कप्तान बनाया गया।

उन्होंने पिछले सीज़न में टीम को प्ले-ऑफ़ में तो पहुँचाया लेकिन दूसरे क्वालिफायर में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें हराकर बाहर कर दिया था। हालांकि, केकेआर के शीर्ष और मध्य क्रम ने पिछले सीज़न में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इस सब के बावजूद, उनके पास कोई ऐसा खिलाड़ी नहीं है जो निचले मध्य क्रम में एक फिनिशर की भूमिका निभा सके।

ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के मध्य-क्रम के शानदार बल्लेबाज माइकल बेवन नाइट राइडर्स के लिए एक फिनिशर की भूमिका बखूबी निभा सकते हैं। उन्होंने अतीत में ऑस्ट्रेलिया को कई बार संकट की स्थिति से निकलकर जीत दिलाई है। तो ऐसे में वह केकेआर के लिए एकदम उपयुक्त खिलाड़ी हैं।

#7. दिल्ली कैपिटलस - जवागल श्रीनाथ

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दिल्ली कैपिटलस (पूर्व में दिल्ली डेयरडेविल्स) के लियेे अभी तक आईपीएल के सफ़र ख़ुशनुमा नहीं रह है। अभी तक उन्होंने कभी भी आईपीएल फाइनल में जगह नहीं बनाई है और सिर्फ पांचवें सीजन में प्ले-ऑफ के लिए क्वालीफाई करने में कामयाब रहे थे।

2018 की नीलामी में उन्होंने काफी खिलाड़ियों को खरीदा था और टीम का नए सिरे से कायाकल्प किया था लेकिन इस सबके बावजूद वह पिछले सीज़न में खेले चौदह मैचों में से केवल पांच में ही जीत दर्ज कर पाए।

उनके पास पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं, जो आगामी आईपीएल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लेकिन उनकी गेंदबाज़ी में गहराई नज़र नहीं आती।

तो इस स्थिति में भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ जवागल श्रीनाथ इस टीम के लिए एकदम उपयुक्त हैं। श्रीनाथ, जो 90 के दशक में टीम इंडिया के फ्रंट लाइन गेंदबाज थे, ने अपनी गति, विविधता और सटीक गेंदबाज़ी से भारतीय टीम को कई मैच जिताए हैं। उनके दिल्ली टीम का हिस्सा बनने से यह टीम गेंदबाज़ी विभाग में काफी मजबूत टीम बनकर उभरेगी।

#6. किंग्स इलेवन पंजाब - स्टीव वॉ

Steve Waugh

किंग्स इलेवन पंजाब ने हर संभव कोशिश की है, लेकिन वे पिछले ग्यारह सत्रों में केवल दो में ही प्लेऑफ में जगह बना सके हैं। उन्होंने टीम में कई बदलाव भी किये लेकिन उन्हें कभी भी इसके सकारात्मक परिणाम नहीं मिल सके।

किंग्स इलेवन पंजाब सिर्फ एक बार ही वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में कामयाब रही जब आईपीएल सीज़न 2014 में उन्होंने फाइनल तक का सफ़र तय किया था।

हालांकि, वह फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों हार गए थे। टीम की सबसे बड़ी समस्या कप्तान के चुनाव को लेकर रही है। युवराज सिंह से लेकर आर अश्विन तक इस टीम ने कई कप्तान बदले। पिछले सीज़न में अश्विन की कप्तानी में, टीम सिर्फ छह मैच जीतने में सफल रही।

तो ऐसे में किसी अदद कप्तान के लिए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ से बेहतर क्या विकल्प हो सकता है। वॉ अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ अपनी बल्लेबाज़ी के लिए भी जाने जाते हैं।

#5. राजस्थान रॉयल्स- अरविंद डी सिल्वा

Aravind De Silva

आईपीएल का पहला सीज़न जीतने के बाद राजस्थान रॉयल्स टीम अपने रास्ते से भटक गई क्योंकि उसके बाद वह अगले 10 सत्रों में कभी भी दोबारा खिताब नहीं जीत पाई।

2009 के बाद उन्होंने केवल दो बार प्ले-ऑफ में जगह बनाई है। पिछले सीज़न में दो साल के निलंबन के बाद वापसी कर रही इस टीम ने पॉइंट टेबल में चौथे स्थान प्राप्त किया।

इस बार स्टीव स्मिथ की वापसी के साथ, उनकी बल्लेबाजी लाइन अप निश्चित रूप से मजबूत होगी, लेकिन मध्य क्रम अभी भी कमजोर दिख रहा है। श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी अरविंदा डी सिल्वा, रॉयल्स के लिए एकदम उपयुक्त साबित हो सकते हैं क्योंकि अपनी घातक गेंदबाज़ी के साथ-साथ वह स्लॉग ओवरों में तेज़ी से रन बनाने में भी माहिर हैं।

#4. सनराइजर्स हैदराबाद- क्रिस केर्न्स

Chris Cairns

सनराइजर्स हैदराबाद 2013 में अपने डेब्यू सीज़न से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कभी भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया है। उनके पास भुवनेश्वर कुमार और राशिद खान जैसे दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज हैं जिन्होंने हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन किया है।

सनराइजर्स ने पिछले सीज़न में अपने धुरंधर खिलाड़ी डेविड वार्नर की गैरमौजूदगी में भी शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि, चेन्नई सुपरकिंग्स ने उन्हें हराकर खिताब जीत लिया लेकिन फिर भी इस टीम ने काफी साहसिक प्रदर्शन किया।

हैदराबाद के पास मनीष पांडे, यूसुफ पठान जैसे बल्लेबाज़ हैं जो मध्य-क्रम को मजबूती प्रदान करते हैं। लेकिन टीम के तेज गेंदबाज़ी विभाग में कुछ कमज़ोरी नज़र आती है।

तो ऐसे में न्यूज़ीलैंड के शानदार तेज़-गेंदबाज़ क्रिस केर्न्स टीम में एकदम फिट बैठते हैं। वो गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी जबरदस्त प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 8,000 से ज़्यादा रन और 419 विकेट लिए हैं।

#3. मुंबई इंडियंस- नाथन एस्टल

Nathan Astle

मुंबई इंडियंस भले ही आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीम ना हो, लेकिन उन्होंने तीन बार आईपीएल खिताब जीतने का कारनामा किया है। इसके अलावा, मुंबई इंडियंस $113 मिलियन से अधिक के ब्रांड मूल्य के साथ आईपीएल की सबसे मूल्यवान फ्रेंचाइज़ी हैं। पिछला सीज़न उनके लिए बहुत अच्छा नहीं रहा,क्यूंकि उन्होंने 8 मैच हारे जबकि सिर्फ 6 मैच जीते।

टूर्नामेंट की समाप्ति पर वे अंक तालिका में 5वें स्थान पर रहे। यह टीम कागजों पर मजबूत दिखती है लेकिन अभी भी इसमें काफी खामियां हैं। खासकर मध्य-क्रम में किसी अदद बल्लेबाज़ की कमी खलती है।

ऐसी स्थिति में नाथन एस्टल टीम के लिए उपयुक्त खिलाड़ी हो सकते थे क्योंकि वह मध्य-क्रम को मजबूत करने के साथ-साथ छठे गेंदबाज़ की भूमिका भी बखूबी निभा सकते हैं।

#2. चेन्नई सुपरकिंग्स - लांस क्लूजनर

Lance Klusener

चेन्नई सुपरकिंग्स इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे सफल टीम रही है। उन्होंने 61.56 के जीत प्रतिशत के साथ तीन आईपीएल खिताब भी जीते हैं। उन्होंने हर सीजन में प्ले ऑफ में पहुंचने का रिकार्ड भी बनाया है।

हालांकि, यह टीम पूरी तरह से संतुलित नज़र आती है लेकिन फिर भी उन्हें एक मध्यम गति के ऑलराउंडर की जरूरत है, जिसके लिए लांस क्लूजनर एकदम उपयुक्त होंगे। वह मध्य-ओवरों में रनों पर अंकुश लगा सकते हैं और नियमित अंतराल पर विकेट भी निकाल सकते हैं। इसके अलावा, बल्लेबाज़ी में वह स्लॉग ओवरों में तेज़ी से रन बनाने में माहिर हैं।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 5500 रन बनाए और 270 से अधिक विकेट लिए हैं।

#1. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर - वसीम अकरम

Wasim Akram

रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु शायद आईपीएल की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण टीम है। यह टीम अभी तक एक बार भी आईपीएल ट्रॉफी जीत नहीं पाई है। आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाज़ी रही है। लेकिन कप्तान कोहली के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन है।

पिछले दो सत्रों में, बैंगलोर के गेंदबाजी आक्रमण में किसी बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ की कमी महसूस की जाती रही है।

आरसीबी के स्टार गेंदबाज़ उमेश यादव ने पिछले सीज़न में भले ही समय-समय पर विकेट निकाले हों लेकिन इसमें उन्होंने काफी रन भी खर्च कर दिए, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।

तो ऐसी स्थिति में वसीम अकरम से बेहतर और कौन गेंदबाज हो सकता है। उनकी स्विंग, क्रॉस सीम डिलीवरी और योर्कर्स से विपक्षी बल्लेबाज ख़ौफ खाते थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 900 से अधिक विकेट लिए और पकिस्ताब की 1992 का विश्व कप जिताने में महत्वूपर्ण भूमिका निभाई थी।

Edited by सावन गुप्ता
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