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"IPL के मुकाबले अहमदाबाद और दिल्ली में कराना पूरी तरह से गलत फैसला था"

नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद
नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद

आईपीएल (IPL) में बायो-बबल के बावजूद प्लेयर्स को कोरोना कैसे हुआ इसको लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि अहमदाबाद और दिल्ली के प्रैक्टिस ग्राउंड सही नहीं थे और यहीं पर बायो-बबल में सेंध लगी। यहां पर मैचों का आयोजन कराना गलत साबित हुआ।

आईपीएल 2021 के पहले 20 मुकाबले चेन्नई और मुंबई में खेले गए थे। इसके बाद के मैचों का आयोजन नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद और अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में होने लगा।

एक बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि मोटेरा के नए स्टेडियम में कुछ प्रैक्टिस फैसिलिटी का निर्माण अभी भी चल रहा था। इसी वजह से तीन टीमों के प्रैक्टिस सेशन को गुजरात कॉलेज ग्राउंड में शिफ्ट करना पड़ा और यहीं पर बायो-बबल का उल्लंघन हुआ और कोरोना प्लेयर्स तक पहुंच गया।

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बीसीसीआई अधिकारी ने बायो-बबल के उल्लंघन का कारण बताया

आईएनएस से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया,

बीसीसीआई के कई अधिकारियों और स्टेट अफिशियल्स का मानना है कि दूसरे फेज के मैचों का आयोजन दिल्ली और अहमदाबाद में कराने का फैसला गलत था। हर शहर में चार टीमें थीं। मेन ग्राउंड के अलावा जहां पर इंटरनेशनल लेवल की फैसिलिटी है और जो वैकल्पिक प्रैक्टिस की सुविधाएं थीं वहीं से कोरोना आया।

अधिकारी ने आगे कहा,

नरेंद्र मोदी स्टेडियम की दिक्कत ये थी कि उसके साथ जुड़े ग्राउंड्स में अभी भी काम चल रहा था। अभी स्टेडियम के अंदर का काम पूरा नहीं हुआ था। टीमें वर्तमान प्रैक्टिस नेट्स का प्रयोग नहीं कर सकती थीं क्योंकि वो पूरी तरह से तैयार नहीं था। इसी वजह से गुजरात कॉलेज ग्राउंड में जाना पड़ा और वो काफी रिस्की रहा क्योंकि वहां पर कई लोग आते हैं।

आपको बता दें कि कई प्लेयर्स के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद आईपीएल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

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Edited by सावन गुप्ता
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