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फॉर्म में वापसी के लिए विराट कोहली को रवि शास्त्री ने दी अहम सलाह, बोले - "बल्लेबाजी में दिखाओ अनुशासन"

विराट कोहली बल्ले के साथ असरदार नहीं दिख रहे हैं
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Prashant Kumar

भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने विराट कोहली (Virat Kohli) को लेकर कहा है कि उन्हें फॉर्म में वापसी करनी है तो पारी की शुरुआत में ज्यादा सावधान और अनुशासित रहने की जरुरत है। नेशनल टीम में कोहली के साथ कई साल साथ बिता चुके शास्त्री को लगता है कि कोहली हर गेंद को खेलने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से उनका ध्यान भंग हो जा रहा है।

आईपीएल 2022 में कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से पंजाब किंग्स के खिलाफ 41* (29) रन की पारी खेली थी। हालांकि टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 12 रन बनाये थे। वह शुरू में अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन एक बाहर जाती गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट गंवा बैठे। आरसीबी ने यह मैच 3 विकेट से जीत लिया था।

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बात करते हुए शास्त्री ने कहा कि कोहली को शुरुआत में खुद को परिस्थितियों में ढालने के लिए क्रीज पर समय बिताने की जरुरत है, चाहें उन्हें कुछ गेंदे छोड़नी ही पड़े। उन्होंने कहा,

उसे खुद को बड़ी पारी खेलने के लिए मौका देना होगा। उसे थोड़ी और सावधानी बरतनी होगी। बाहर से देखने पर, मुझे लगता है कि वह हर गेंद को खेलना चाह रहा है। कभी-कभी जब आप रन नहीं बना पाते तब आपका मन करता हैं कि आप हर गेंद खेले। ऐसा अनुशासन होना चाहिए जहां पिच में स्विंग या सीम कुछ हो तो शुरुआत में आपको थोड़ा सावधानी से खेलना होगा। पेस और बाउंस का आदी होने के लिए आपको कुछ गेंदें भी छोड़नी होंगी। उसे खुद को कुछ समय देना चाहिए, भले ही कुछ गेंदों को छोड़ना क्यों न पड़े।

इस तरह आउट होने का सिलसिला दक्षिण अफ्रीका दौरे से जारी है - रवि शास्त्री

शास्त्री ने पिछले दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे से कोहली के आउट होने के तरीके को ध्यान से देखा। उन्होंने कहा कि यह किस्मत से नहीं बल्कि अनुशासन और परिस्थितियों का सम्मान करने से बदल सकता है। पूर्व भारतीय हेड कोच ने कहा,

यह दक्षिण अफ्रीका से चल रहा है। जब तक वह क्रीज पर है, वह वास्तव में अच्छा खेल रहा है। वह चार-पांच शानदार शॉट बाउंड्री के लिए खेलता है और रन बनाने के चक्कर में आउट हो जाता है। सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, हर फॉर्मेट में ध्यान केंद्रित करना जरुरी है। कभी-कभी आपको परिस्थितियों का सम्मान करना होता है। वह कुछ गेंदों को छोड़ सकता है। वह एक बड़ा खिलाडी और रन-बॉल की कमी को आसानी से पूरा कर सकता है। उसे बस थोड़ा अनुशासित होने की जरूरत है।
कभी-कभी आपको अपनी किस्मत खुद बनानी पड़ती है। यदि आप सेट हैं, तो आपको इसे भुनाना होगा। यह सिर्फ एक पारी की बात है। अगर वह 16-17 ओवर तक बल्लेबाजी करता है, 100 बनाता है या 70-80, इसका काफी असर होगा।

Edited by Prashant Kumar
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