Mohammad Azharuddin and Ajay Jadeja Match Fixing Allegations BCCI Pension Details: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद अजरुद्दीन और अजय जडेजा, क्रिकेट टीम के सफल क्रिकेटर में से एक हैं। दोनों ही क्रिकेटर्स ने अपने क्रिकेट करियर में खूब शोहरत कमाई, शोहरत के साथ- साथ दोनों ने क्रिकेटर्स की वजह से एक बार भारतीय क्रिकेट टीम को बदनाम भी होना पड़ा जब उनके ऊपर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे। आपको बता दें कि अजय जडेजा और मोहम्मद अजरुद्दीन दोनों ही क्रिकेटर्स का नाम मैच फिंक्सिंग के आरोप में जुड़ चुका है।
क्रिकेटर अजय जडेजा पर साल 1999 में मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था, वहीं साल 2000 में, अजहरुद्दीन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था। इसके बाद से ही दोनों के करियर पर ब्रेक लग गया था। मगर क्या आपको पता है कि क्रिकेट से अलग होने के बाद भी दोनों में से एक को पेंशन मिलती है और एक क्रिकेटर को बीसीसीआई से किसी भी प्रकार की पेंशन नहीं मिलती है। आपको बताते हैं इस पीछे की वजह और बीसीसीआई पेंशन के बारे में।
अजय जडेजा की बीसीसीआई पेंशन
क्रिकेटर अजय जडेजा के ऊपर साल 1999 में मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था। मैच फिक्सिंग का मामला कई साल तक चला, इस मामले में बीसीसीआई ने उन्हें पांच साल के लिए बैन कर दिया था। हालांकि, बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने साल 2003 में यह बैन हटा दिया था। इसके बाद अजय जडेजा साल 2003 में रणजी खेलने वापस आ गए थे, अब उन पर किसी प्रकार का बैन नहीं है। वहीं क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अजय जडेजा को हर महीने 60 हजार रुपए पेंशन के रुप में मिलते हैं।
मोहम्मद अजरुद्दीन को नहीं मिलती है बीसीसीआई पेंशन
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें आजीवन क्रिकेट से बैन कर दिया गया था, लेकिन बाद में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने इस बैन को हटा दिया। हालांकि आजीवन बैन की वजह से मोहम्मद अजरुद्दीन को पेंशन के लिए एलिजिबल नहीं माना गया। बीसीसीआई से पेंशन ना मिलने के बावजूद अजहर नेटवर्थ के मामले में हर किसी को कड़ी टक्कर देते हैं।