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NZ vs IND: कप्तान रोहित शर्मा के 3 फ़ैसले जो टी-20 सीरीज़ में भारत की हार की वजह बने 

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7.33K   //    12 Feb 2019, 13:25 IST

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भारतीय टीम लगातार दस टी-20 सीरीज़ जीतने के बाद 11 वीं सीरीज़ जीत कर इतिहास रचने में नाकाम रही। 

रविवार को मेज़बान न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए निर्णायक मैच में भारत को सिर्फ 4 रनों से हार का सामना करना पड़ा और न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 से हराकर टी 20 सीरीज़ अपने नाम कर ली। इस सीरीज़ में खेला गया पहला टी-20 तो पूरी तरह से एकतरफा रहा था और मेज़बान टीम ने भारत को 80 रनों से हराया था लेकिन, दूसरे मैच में भारत ने वापसी की और सीरीज़ को 1-1 से बराबर कर दिया। 

तीसरे और अंतिम टी-20 में भारत के पास न्यूजीलैंड की धरती पर अपनी पहली टी-20 सीरीज़ जीतने का सुनहरी मौका था लेकिन इस मैच में भारतीय गेंदबाज़ों ने बहुत निराश किया और मेज़बान टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 212 रन बना डाले।

इससे बल्लेबाजों पर दबाव आ गया, हालाँकि उन्होंने कड़ी मेहनत की लेकिन फिर भी भारत को हार से नहीं बचा पाए। 

यह पहली बार भी है जब भारत ने टी-20 सीरीज़ का निर्णायक मैच गंवाया है। रोहित एक कप्तान के रूप में अच्छे फैसलों के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस सीरीज़ में उन्होंने तीन ऐसे फैसले किये जो भारत की हार का कारण बने। तो आइये जानते हैं इन तीन फैसलों के बारे में:

#3. विजय शंकर से गेंदबाज़ी ना करवाना 

Vijay Shankar did not bowl a single ball in this T20I series

एक आलराउंडर के रूप में टीम में शामिल किये गए विजय शंकर ने इस टी-20 सीरीज़ में एक बार भी गेंदबाज़ी नहीं की। 

तमिलनाडु के ऑलराउंडर शंकर बल्ले के साथ-साथ अपनी गेंदबाज़ी के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने घरेलू सर्किट में शानदार गेंदबाजी की है और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किये हैं। कप्तान रोहित ने इस सीरीज के तीनों मैचों में उन्हें टीम में शामिल किया लेकिन सिर्फ एक बल्लेबाज़ की हैसियत से। 

यह बात तो समझ में आती है कि जब पाँचों गेंदबाज़ बहुत बढ़िया गेंदबाज़ी कर रहे हैं तो छठे गेंदबाज़ को गेंद थमाना कोई समझदारी की बात नहीं है लेकिन जब विपक्षी टीम लगभग सभी गेंदबाज़ों की ही धुनाई कर रही है तो शंकर से गेंदबाज़ी क्यों नहीं करवाई गई, खासकर, जब आखिरी मैच में क्रुणाल पांड्या और खलील अहमद काफी महंगे साबित हो रहे थे। पांड्या ने अपने 4 ओवरों के स्पेल में 54 रन लुटा डाले थे, लेकिन कप्तान रोहित ने उन्हें हटाकर विजय शंकर से गेंदबाज़ी करवाना ज़रूरी नहीं समझा। अगर उन्होंने इस युवा आलराउंडर को एक मौका दिया होता तो शायद मैच का परिणाम भारत के पक्ष में होता।  

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