WTC का फाइनल हर बार इंग्लैंड में ही क्यों होता है?, आईसीसी ने दिया जवाब

7–11 जून के बीच खेला जाएगा फाइनल मुकाबला
7–11 जून के बीच खेला जाएगा फाइनल मुकाबला

भारत (Indian Cricket Team) और ऑस्ट्रेलिया (Australia Cricket Team) के बीच होने वाला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल इस बहुचर्चित टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण होगा। इस टेस्ट मेस की लड़ाई दोनों टीमों के बीच इंग्लैंड के ओवल मैदान पर 7–11 जून तक खेली जाएगी। WTC 2021 का भी फाइनल मुकाबले इंग्लैंड में ही खेला गया था, जिसमें न्यूजीलैंड (New Zealand Cricket Team) ने भारत को हरा दिया था।

2 बार लगातार इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट के फाइनल को खेले जाने को लेकर हमेशा फैंस के मन में एक सवाल उठता है कि फाइनल को खेलने के लिए इंग्लैंड को ही क्यों चुना जाता है। इसी बीच इन सवालों को विराम देने के लिए आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम खान ने 29 मई, सोमवार को कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल मुकाबले के आयोजन के लिए यूके का चुनाव इसलिए किया गया था, क्योंकि वहां की मौसमी स्थितियाँ 5 दिन के फाइनल मुकाबले को होस्ट करने के लिए उपयुक्त थीं।

आईसीसी ने 2025 में होने वाले इसके तीसरे संस्करण के फाइनल मुकाबले की भी मेजबानी इंग्लैंड को ही दी है। जहां फाइनल मैच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में खेला जाएगा। इस फैसले के बाद चारों तरफ से सवाल उठने लगे हैं कि लगातार तीसरी बार यूके को ही इस बहुचर्चित टूर्नामेंट के फाइनल की मेजाबनी का मौका क्यों दिया गया।

इंग्लैंड सबसे उपयुक्त जगह – वसीम खान

पीटीआई के हवाले से बात करते हुए वसीम खान ने इस बाबत कहा है कि इंग्लिश समर में इस टूर्नामेंट को होस्ट करने के लिए इंग्लैंड सबसे उपयुक्त जगह है। खान ने कहा,

WTC चक्र की व्यवस्था के अनुसार, हम उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में गर्मी के मौसम में खेल रहे हैं। हम वर्तमान में इंग्लैंड के अंदर विविध स्थलों की तलाश में हैं। लॉर्ड्स को विचार में रखा गया, लेकिन इस संस्करण के लिए दिशा निर्णय ओवल पर लिया गया। हर दो साल में होने वाले फाइनल के मामले में, यूके टूर्नामेंट की व्यवस्था के साथ बहुत मिलता-जुलता है, क्योंकि यह पूरी तरह से उत्तरी गोलार्ध के साथ मेल खाता है।

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Edited by Rahul
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