बाबर आजम क्यों हो रहे हैं फ्लॉप, दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने बताया बड़ा कारण 

Pakistan v England - 5th IT20
बाबर आजम का हालिया प्रदर्शन निरंतर नहीं रहा है

भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी रोहन गावस्कर (Rohan Gavaskar) का कहना है कि पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम (Babar Azam) को 'एक-आयामी' खिलाड़ी कहना गलत होगा। बाबर का हालिया प्रदर्शन निरंतर नहीं रहा है और उन्हें टी20 रैंकिंग में अपनी नंबर 1 की पोजीशन भी गंवानी पड़ी।

रोहन गावस्कर को लगता है कि बाबर को परिस्थिति के हिसाब से खुद की बल्लेबाजी को ढालना आता है लेकिन पाकिस्तान के पहले बल्लेबाजी करने पर, वह खुद पर काफी ज्यादा दबाव बना लेते हैं।

बाबर आजम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में शतक जड़ा था लेकिन बाकी मैचों में निरंतरता का अभाव नजर आया। वहीं सीरीज से पहले संपन्न हुए एशिया कप में भी उनका बल्ला खामोश रहा था। उन्होंने छह मैचों में महज 68 रन स्कोर किये थे।

स्पोर्ट्स18 पर बातचीत के दौरान, गावस्कर ने कहा कि पाकिस्तानी कप्तान लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने सर्वश्रेष्ठ में नजर आते हैं। उन्होंने कहा,

उन्हें एक आयामी खिलाड़ी कहना थोड़ा कठोर होगा क्योंकि वह क्वालिटी वाले खिलाड़ी हैं। उनके आंकड़े भी इस बात को साबित करते हैं। तथ्य यह है कि वह गियर बदल सकते हैं और आप पहली पारी से दूसरी पारी तक उसके आंकड़ों में देख सकते हैं। उनका पहली पारी में स्ट्राइक रेट 125 के आसपास है, वहीं दूसरी पारी में 137 के आसपास है, जो दिखता है कि उनमें गियर बदलने की काबिलियत है।

बाबर आजम को अपनी मानसिकता में लाना होगा बदलाव - रोहन गावस्कर

रोहन गावस्कर ने बाबर के पहली पारी में कम स्ट्राइक रेट के पीछे उनकी मानसिकता का जिक्र किया। अपनी बात को समझाते हुए, पूर्व खिलाड़ी ने कहा,

मुझे लगता है कि यह बाबर के साथ एक मानसिकता है। असफलता का डर। और जब मैं कहता हूं कि असफलता का डर है, तो मेरा मतलब एक बल्लेबाज के रूप में असफलता का डर नहीं है। मैं यहाँ गलत हो सकता हूँ; उन्हें लगता है कि पाकिस्तान की टीम उनकी बल्लेबाजी के इर्द-गिर्द घूमती है। इसलिए, जब वह पहले बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें लंबे समय तक रहना है क्योंकि अगर वह असफल रहते हैं, तो टीम भी असफल हो सकती है और वह कभी-कभी एक खिलाड़ी को झकझोर सकता है।
जब वे दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, जब लक्ष्य उनके सामने होता है, तो वह असाधारण होते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि उन्हें अपनी पारी को कैसे गति देनी है। मुझे लगता है कि कभी-कभी यह सिर्फ मानसिक होती है जिसे उन्हें पहले बल्लेबाजी करते समय बदलने की आवश्यकता हो सकती है।

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Edited by Prashant Kumar