SRH vs HCA matter resolved: हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम के बीच चल रही गहमागहमी शांत हो चुकी है। SRH की ओर से आरोप लगाया गया था कि स्टेट एसोसिएशन टिकट के लिए उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है और लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है। SRH ने अपना वेन्यू बदलने की धमकी भी दे दी थी और कहा था कि अपने घरेलू मैच वे हैदराबाद से बाहर कहीं और खेलेंगे। ये मामला तेलंगाना के मुख्यमंत्री तक पहुंचा और उन्होंने उसके लिए कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद बीते मंगलवार को HCA और SRH के बीच एक बैठक हुई। इसमें संयुक्त रूप से इस विवाद को समाप्त कर लिया गया है। टिकट के लिए BCCI, HCA और SRH के बीच में जो कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया है उस पर अमल किया जाएगा। उसी हिसाब से HCA को टिकट मुहैया कराए जाएंगे।
एक संयुक्त बयान में कहा गया, SRH ने SRH, HCA और BCCI के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा। यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी वर्गों में उपलब्ध स्टेडियम क्षमता का 10 प्रतिशत टिकट आवंटित किया जाए। बदले में HCA ने वर्षों से चली आ रही प्रथा के अनुरूप, प्रत्येक श्रेणी में पास के मौजूदा आवंटन को बनाए रखने का प्रस्ताव रखा।
SRH के CEO शानमुगम के साथ टेलिफोनिक वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया है कि जो 3900 टिकट HCA को दिए जाते थे वो पहले की तरह ही दिए जाते रहेंगे। अब HCA ने भी आश्वासन दे दिया है कि वे प्रोफेशनल तरीके से फ्रेंचाइजी के साथ पेश आएंगे।
संयुक्त बयान में कहा गया, इस बैठक के साथ हमने अपने सभी लंबित मुद्दों को सुलझा लिया है। HCA और SRH राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब पिछले मैच से पहले फ्री टिकटों को लेकर एक बॉक्स में ताला मार दिया गया था। 20 अतिरिक्त टिकट की डिमांग और पिछले सीजन से मिल रही धमकियों के बीच SRH की सहनशक्ति ने इस बार जवाब दे दिया।