Why White blazer given after Champions Trophy win: भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से फाइनल में हराते हुए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया है। भारतीय टीम की जीत का इंतजार करोड़ भारतीय फैंस को था। भारत ने जैसे ही मैच को फिनिश किया तो इसके बाद हुई सेलिब्रेशन को सभी ने काफी करीब से देखा। इस दौरान जो भारतीय क्रिकेटर्स को मेडल और ट्रॉफी के अलावा सफेद रंग की कोट दी गई उसने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। आइए जानने और समझने की कोशिश करते हैं कि इस सफेद कोट का क्या मतलब है।
2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में पहली बार इस सफेद रंग की कोट को देखा गया था। इसके बाद इसे हर बार चैंपियंस ट्रॉफी की चैंपियन बनने वाली टीम को दिया जाने लगा और अब यह काफी बड़ी चीज बन चुका है। चैंपियंस ट्रॉफी में इसे गोल्फ से प्रेरणा लेते हुए लाया गया था। जिस तरह गोल्फ में ग्रीन जैकेट दी जाती है उसी तरह से यहां पर चैंपियंस को सफेट कोट देने का विचार किया गया था। यह विचार काफी हिट भी रहा और अब इसे एक परंपरा बना दिया गया है।
फाइनल में शानदार रहा भारत का खेल
चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था लेकिन ऐसा लगा कि उनसे गलत फैसला हो गया। अच्छी शुरुआत के बाद उन्होंने तीन विकेट काफी जल्दी गंवा दिए जिसकी वजह से मध्यक्रम पर दबाव आ गया। 11 से लेकर 40 ओवर के बीच में भारत ने केवल स्पिनर्स के साथ गेंदबाजी कराई और इन 30 ओवरों में कीवी बल्लेबाजों को पूरी तरह से बांधकर रख दिया गया।
डैरिल मिचेल ने अर्धशतक तो लगाया लेकिन उनकी पारी काफी धीमी रही और वह 101 गेंद में केवल 63 रन ही बना सके। अंत में माइकल ब्रेसवेल ने तेज अर्धशतक लगाकर कीवी टीम को 250 के पार पहुंचाया। 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत को रोहित शर्मा ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई और शुभमन गिल के साथ पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर डाली। 76 रन बनाकर रोहित आउट हुए लेकिन अन्य बल्लेबाजों ने बिना अधिक परेशानी के भारत को जीत दिलाई।