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वर्ल्ड कप 2018 : इंग्लैंड को हराकर पहली बार फाइनल में पहुंचा क्रोएशिया

53   //    12 Jul 2018, 03:31 IST

क्रोएशिया ने फीफा वर्ल्ड कप 2018 के दूसरे सेमी फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व चैंपियन इंग्लैंड को हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। बुधवार को लुजिन्हकी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया ने इंग्लैंड को 2-1 से शिकस्त दी। फुल टाइम तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थी। इसके बाद तीन मिनट का इंजुरी टाइम जोड़ा गया लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई और  मैच का फैसला अतिरिक्त समय में हुआ। इस हार के साथ इंग्लैंड के विश्व कप के फाइनल में पहुंचने का 52 वर्षों का सपना टूट गया। अब 15 जुलाई को क्रोएशिया का सामना फ्रांस से होगा।

इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत शानदार तरीके से की। उसे गोल के लिए ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ा। मैच के चौथे मिनट में ही उसे फ्री किक मिला। इंग्लैंड के ट्रिपयर ने इस मौके का बखूबी फायदा उठाया और टीम को बढ़त दिला दी। ट्रिपयर ने पांचवें मिनट में इस फ्री किक पर गेंद को सीधे गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। विरोधी टीम के सभी खिलाड़ी इस दमदार शॉट को देखते रह गए। क्रोएशियाई गोलकीपर के पास भी इस शॉट का कोई जवाब नहीं था। इंग्लैंड टीम के नए डेविड बेकहम माने जा रहे इस खिलाड़ी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करिअर का पहला गोल दागा। इसके साथ ही ट्रिपयर का ये गोल पिछले 12 सालों में किसी इंग्लिश खिलाड़ी का फीफा विश्व कप में फ्री किक पर पहला गोल साबित हुआ। इससे पहले आखिरी बार ये कमाल 2006 फीफा विश्व कप में इक्वाडोर के खिलाफ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम ने किया था।

इसके बाद मैच के नौवें मिनट में क्रोएशिया को कॉर्नर मिला हालाकि उसके खिलाड़ी इसे गोल में नहीं बदल पाए और लुका मॉड्रिच के प्रयास को इंग्लैंड ने असफल कर दिया। अगले तीन मिनट बाद इंग्लैंड को कॉर्नर मिला  लेकिन वे भी गेंद को गोल पोस्ट तक पहुंचाने में नाकाम रहे। 14वें मिनट में कॉर्नर पर गोल नहीं कर पाने के बाद 21वें मिनट में भी इंग्लैंड की टीम फ्री किक को गोल में बदलने में नाकाम रही। इस बीच दोनों ही टीम के खिलाड़ियों ने गोल के जबरदस्त प्रयास किए। दोनों ही तरफ से लगातार आक्रमण किए जा रहे थे। मैच के 40वें मिनट में इंग्लैंड को गोल दागने का एक और मौका मिला। उसकी टीम को फ्री किक मिला लेकिन इसका उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। टीम गोल दागने में सफल नहीं हो पाई। पहले हाफ का खेल समाप्त होने की तरफ बढ़ रहा था लेकिन  इंग्लैंड के शुरुआती बढ़त का क्रोएशिया के पास कोई जवाब नहीं था। पहला हाफ इंग्लैड के 1-0 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ।

दूसरे हाफ का खेल शुरू होते ही क्रोएशिया ने आक्रामक रवैया अपनाया। उसके खिलाड़ियों को शायद पहले हाफ में 1-0 से पिछड़ने के बाद बराबरी की जल्दी थी। मैच के 46वें मिनट में क्रोएशिया के स्ट्राइकर रेबिक गोल करने से चूक गए। यह बराबरी का एक बेहतरीन मौका था। हालांकि इसके चार मिनट बाद ही यानी 50वें मिनट में क्रोएशिया के मारियो मांजुकिच को पीला कार्ड दिखाया गया। इंग्लैंड के खिलाड़ी भी गलती करने में पीछे नहीं थे। 54वें मिनट में उसके डिफेंडर वॉकर को पीला कार्ड दिखाया गया। 55 वें मिनट में फिर से क्रोएशिया को कॉर्नर मिला लेकिन टीम बराबरी का गोल दागने में नाकाम रही।

क्रोएशियाई खिलाड़ी लगातार हमलावर हो रहे थे। उनकी कोशिशों ने रंग दिखाई और 68वें मिनट में उन्हें गोल करने का सुनहरा मौका मिला। इस बार वे पहले से ज्यादा सतर्क थे। इवान पेरिसिक ने अपने शानदार शॉट से गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा कर टीम का स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। स्कोर बराबरी के बाद दोनों ही टीमों ने बढ़त बनाने के लिए प्रयास तेज कर दिए। हालांकि इसका कोई फायदा नहीं हुआ और निर्धारित समय यानी 90 मिनट तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबरी पर ही रहा। इसके बाद मैच में तीन मिनट का इंजुरी टाइम जोड़ा गया। इस दौरान भी दोनों में से कोई भी गोल दागने में सफल नहीं हो पाया।

अब तक फैसला नहीं हो पाने के कारण मैच अतिरिक्त समय में चला गया। 90 मिनट का फुल टाइम और तीन मिनट के इंजुरी टाइम के बाद 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। इस दौरान दोनों टीमों ने आक्रमक खेल दिखाया। मैच के 95वें मिनट में क्रोएशिया के रेबिक को पीला कार्ड दिखाया गया। हालांकि जब यह लग रहा था कि पिछले कुछ मैचों की तरह यह मैच भी पेनल्टी शूटआउट में जाएगा तब 109वें मिनट में क्रोएशिया के मांजुकिच ने गोल दाग कर टीम को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। यह गोल मांजुकिच ने पेरिसिक के हेडर पर किया। इधर इंग्लैंड के खिलाड़ी भी गोल के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे लेकिन अतिरिक्त समय के खत्म होने तक क्रोएशिया ने 2-1 से बढ़त कायम रखी। इसके बाद चार मिनट का इंजुरी टाइम जोड़ा गया लेकिन इंग्लैंड की टीम गोल करने में नाकाम रही और उसका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।

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