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FIFA के भारतीय फुटबॉल पर लगाए गए बैन से नाराज हुए फैंस, AIFF के खिलाफ सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

सस्पेंशन के हटने तक भारतीय फुटबॉल टीम कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाएगी।
सस्पेंशन के हटने तक भारतीय फुटबॉल टीम कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाएगी।
Hemlata Pandey

आजादी के 75 साल पूरे करते ही भारतीय फुटबॉल के लिए अंतरराष्ट्रीय जगत से बेहद खराब खबर आई और फुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी FIFA ने फिलहाल AIFF यानी देश के फुटबॉल महासंघ को सस्पेंड कर दिया है। यही नहीं देश से अंडर-17 वीमेन विश्व कप की मेजबानी भी ले ली गई है।

The Conflict of interest of few Politicians destroyed the whole ecosystem of INDIAN Football.#SaveIndianFootball #FreeSportsFeomPolitics twitter.com/ANI/status/155…

AIFF में लगातार कई सालों से एक ही शख्स का अध्यक्ष बने रहना, नए सदस्यों को नामित न करना और लगातार भ्रष्टाचार के साथ ही खराब प्रबंधन के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मई में AIFF की प्रशासकीय ताकतें छीनते हुए 3 सदस्यों की समिति को नामित कर उसे फुटबॉल की देखरेख का जिम्मा दिया था।

#SaveIndianFootball ....fifa has banned aiff how indian talents show their faces in national level? A black day for indian football team🥲 twitter.com/IndianFootball…

लेकिन FIFA को ये थर्ड पार्टी हस्तक्षेप पसंद नहीं आया और उसने AIFF को सस्पेंड करने का फैसला लिया। इस पूरे वाकये के बाद देश के फुटबॉल फैंस खासे नाराज हैं और सोशल मीडिया पर अब तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फैंस ट्विटर पर #saveindianfootball ट्रेंड कर रहे हैं।

The AIFF hadn’t had a new president in 13 years. Praful Patel had completed three four-year terms and was not eligible for standing as president again. This was as per laws laid down in the National Sports Code.

फैंस लगातार AIFF की ओर से पहले लिए गए फैसलों को इस पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल लगातार 13 सालों से AIFF के अध्यक्ष थे, ऐसे में फैंस ये भी सवाल कर रहे हैं कि आखिर देश में फुटबॉल की देखरेख की कमान किसी अनुभवी खिलाड़ी को न देकर एक राजनेता को क्यों दी गई।

@rajeshpansare Now Aiff will be happy what a gift on Independence day

फुटबॉल प्रेमी FIFA की मंशाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। कुछ फैंस तो इसे FIFA की साजिश भी बता रहे हैं, लेकिन यह बात भी सच है कि FIFA की ओर से मई के बाद कई बार देश में फुटबॉल की देखरेख कर रही अथॉरिटीज को चेता दिया गया था कि समय से चुनाव नहीं हुए तो सस्पेंशन हो सकता है।

This ban on indian football will not affect on any political parties They will only affect on our players This is the temporary restriction once they are removed, they will start earning income again , But it's really heartful for our players and fans #SaveIndianFootball

इस बैन का सबसे खराब असर अक्टूबर 2022 में भारत में होने वाल अंडर-17 वीमेन विश्व कप पर पड़ा है। भारत को ये प्रतिष्ठित टूर्नामेंट होस्ट करने का मौका मिला था लेकिन अब FIFA ने भारत से फिलहाल मेजबानी का अधिकार छीन लिया है।

@THE_RanjitBajaj @praful_patel @FIFAcom @IndiaSports Why can't ex footballers join together to save Indian Football with the support of football lovers like you ? Indian soccer fans will definitely support the move. I am deeply disheartened and frustrated.

AIFF के सस्पेंशन का मतलब यह है कि भारत में FIFA की मान्यता वाला कोई भी फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं होगा। भारतीय फुटबॉल टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं खेलेंगी और देश में होने वाली डोमेस्टिक लीग को भी FIFA मान्यता नहीं देगा।

@rajeshpansare There are still some hope left, we need to set up a committee as quickly as possible.#saveindianfootball

हालांकि FIFA ने साफ शब्दों में अपने आधिकारिक बयान में लिखा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई समिति को हटाकर AIFF में चुनाव कर इसका गठन होता है तो सस्पेंशन हट जाएगा, ऐसे में फैंस उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द से जल्द चुनाव हों और भारतीय फुटबॉल इतिहास के इस काले अध्याय को मिटाया जा सके।


Edited by Prashant Kumar

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