आयुर्वेद में माइग्रेन का देसी इलाज, जानिए 10 घरेलू उपचार

आयुर्वेद में माइग्रेन का देसी इलाज, जानिए 10 घरेलू उपचार (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
आयुर्वेद में माइग्रेन का देसी इलाज, जानिए 10 घरेलू उपचार (फोटो - sportskeedaहिन्दी)

माइग्रेन एक प्रकार की दर्दनाक सिरदर्द है जिसमें सिर की एक पक्षीय भाग में तीव्र दर्द होता है, जो कई बार कुछ घंटों तक तकलीफदेह हो सकता है। आयुर्वेद में माइग्रेन के इलाज के लिए कई प्राकृतिक घरेलू उपचार मौजूद हैं, जो दर्द को कम करने और इसकी प्राकृतिक रूप से सही करने में मदद कर सकते हैं।

आयुर्वेद में माइग्रेन का देसी इलाज, जानिए 10 घरेलू उपचार (10 Home Remedies For Migraine In Ayurveda In Hindi)

अदरक (Ginger): अदरक माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। आप अदरक का रस निकालकर गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं या फिर उसका चाय बनाकर पी सकते हैं।

नीम (Neem): नीम के पत्तों को पीसकर बनाएं गोलियाँ और उन्हें पानी के साथ सेवन करें। नीम के गोलियों का सेवन माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

तुलसी (Holy Basil): तुलसी की पत्तियों को छाया में सुखाकर पीसकर पानी के साथ सेवन करने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिल सकता है।

लौंग (Clove): लौंग को पीसकर उसका तेल बनाएं और इसे सिर पर लगाएं। लौंग के तेल का लगाने से माइग्रेन के दर्द में आराम हो सकता है।

शहद (Honey): गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिल सकता है।

मेथी (Fenugreek): मेथी के दानों को पानी में भिगोकर रखें और उन्हें पीसकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को सिर पर लगाने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिल सकता है।

आंवला (Indian Gooseberry): आंवला आयुर्वेद में एक प्रमुख औषधि है जिसमें विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है। आंवला के सेवन से माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।

अंजीर (Fig): अंजीर के पत्तों को पीसकर उन्हें पानी में मिलाकर पीने से माइग्रेन के दर्द में आराम हो सकता है।

योग और प्राणायाम (Yoga and Pranayama): योग और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से माइग्रेन के दर्द में सुधार हो सकता है। अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, और शवासन जैसे प्राणायाम तकलीफ को कम करने में मदद कर सकते हैं।

सही आहार और व्यवस्थित दिनचर्या (Proper diet and regular routine): सही आहार और व्यवस्थित दिनचर्या का पालन करना भी माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। अधिक तला हुआ, मसालेदार, और तीखा खाना न खाएं और पर्याप्त समय के लिए नींद लें।

यदि आप माइग्रेन के दर्द से पीड़ित हैं, तो आयुर्वेदिक घरेलू उपचारों का प्रयोग करने से पहले एक विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श करना सर्वोत्तम होगा। व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए उपचार का चयन करें और इसे सही तरीके से प्रयोग करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Vineeta Kumar
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