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सफेद मूसली के 2 फायदे और 2 नुकसान: Safed Musli Ke 2 Fayde Aur 2 Nuksaan 

सफेद मूसली को एक अच्छी दावा माना जाता है लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। (फोटो: Rapid Leaks India)
सफेद मूसली को एक अच्छी दावा माना जाता है लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। (फोटो: Rapid Leaks India)

सफेद मूसली को हर कोई खाता हुआ नहीं दिखता है। इसकी एक बड़ी वजह ये है कि इसे खाने के बाद इंसान की अवस्था थोड़ी बदल जाती है। जी नहीं इसका ये मतलब नहीं है कि किसी के हॉर्मोन बदलते हैं या कुछ और लेकिन हॉर्मोन से जुड़ा हुआ कुछ इसको खाते ही होता है। इसलिए इसको तब तक ना खाएं, जब तक डॉक्टर इसकी सलाह ना बताएं।

वैसे इसके फायदों के बारे में तो बहुत सारे लोग बताते हैं लेकिन इसके नुकसानों के बारे में बेहद कम लोग ही बताते हैं। आइए आज हम आपको सफेद मूसली से होने वाले फायदों और नुकसान के बारे में बताते हैं जिससे आपको लाभ होगा और आपकी सेहत अच्छी रहेगी क्योंकि आप इसके दोनों पक्षों को जानते होंगे।

सफेद मूसली के 2 फायदे और 2 नुकसान: Safed Musli Ke 2 Fayde Aur 2 Nuksaan

फायदे

सेक्सुअल पावर बढ़ाए: Increases sexual power

सेक्स भी जीवन का एक अंग है लेकिन कुछ लोगों के लिए ये एक परेशानी का कारण बन जाता है। अगर आपको भी अपने पार्टनर के साथ सेक्स करते हुए परेशानी होती है या वो आप पर आरोप लगाती हैं या लगाते हैं तो आज ही सफेद मूसली का सेवन करें। ये आपके शरीर के कामोत्तेजक हॉर्मोन्स को बढ़ा देता है और आपको अद्भुत शक्ति प्रदान करता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करे: Cures Erectile Disfunction

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक परेशानी है लेकिन इसका ये अर्थ नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। आप इसका इलाज कर सकते हैं और उससे आपको लाभ ही होगा। सफेद मूसली के माध्यम से आप इस परेशानी को खत्म कर सकते हैं। इसका सेवन करना आपके शरीर और गुप्तांग के लिए अच्छा रहेगा।

नुकसान

कफ दोष को बढाती है: Increases Cough related issues

शरीर में तीन प्रकार के दोष होते हैं वात, कफ और पित्त जिनमें से कफ दोष को बढ़ाने में ये बेहद मददगार है। यही वजह है कि अगर आपको कफ से जुड़ी कोई भी दिक्कत हो तो उस स्थिति में आपको इसका सेवन ना करने की सलाह दी जाती है। आप इसका सेवन तब और ना करें जब आपको सांस से जुड़ी कोई दिक्कत हो।

अस्थमा के मरीज ना करें इसका सेवन: Asthma patients shouldn't eat it

अस्थमा के मरीज एक प्रकार से साँसों से जुड़ी परेशानी से दो चार हो रहे होते हैं। ऐसे में आप अगर खुद को इस परेशानी के प्रभाव और बढे स्तर को और खराब नहीं करना चाहते हैं तो आपको इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये अस्थमा के मरीजों के लिए किसी भी रूप से सही नहीं है।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए है, इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रुप में नहीं लिया जा सकता। कोई भी स्टेप लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।)

Edited by Amit Shukla
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