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सूजन के लिए 3 आयुर्वेदिक दवा - Sujan Ke 3 Liye Ayurvedic Dawa

सूजन के लिए 3 आयुर्वेदिक दवा (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
सूजन के लिए 3 आयुर्वेदिक दवा (फोटो - sportskeedaहिन्दी)

शरीर में सूजन (Swelling or Inflammation) कई कारणों से हो सकती है। कभी-कभी यह होने वाली बीमारियों का संकेत भी देती हैं। सूजन हाथों में, पैरों में, उँगलियों में, चेहरे पर हो सकती है। इनके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। गलत खान-पान, अस्थिर जीवनशैली, हॉर्मोन इम्बैलेंस, वजन का अधिक होना, ज्यादा समय तक खड़े रहना या पैर लटकाये रखना, गर्भवस्था में या किसी अन्य चिकित्सा हालत के कारण सूजन होती है। सूजन होने पर असहज महसूस हो सकता है लेकिन यह अस्थायी भी हो सकती है। वैसे तो यह समस्या खुद ठीक हो जाती है पर कभी-कभी यह ज्यादा समय तक परेशानी देती है, ऐसा होने पर डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच करवाए। जांच के बाद ही आप किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं और इस स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं। इस लेख में आगे आप सूजन के लिए आयुर्वेदिक इलाजों के बारे में जानेंगे। इन्हें आप डॉक्टर के परामर्श के बाद ही करें।

सूजन के लिए 3 आयुर्वेदिक दवा

1. हल्दी (Turmeric)

आयुर्वेद में हल्दी की अपनी मान्यता है। इसके औषधीय गुणों के कारण इसका उपयोग घरेलू नुस्खों में किया जाता है। सूजन के उपाय में हल्दी का भी प्रयोग लाभदायक होता है। इसमें मौजूद एंटी-बायोटिक गुण दर्द और सूजन के लिए फायदेमंद होता है। हल्दी का लेप बनाकर इसे सोते समय सूजन वाली जगह पर लगा कर छोड़ दें। सुबह तक इससे काफी आराम मिलेगा।

2. सरसों का तेल (Mustard Oil)

दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में सरसों का तेल बहुत गुणकारी माना जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है जिस कारण से इसका उपयोग शरीर की सूजन कम करने के लिए किया जाता है। उपयोग के लिए - हलके गुनगुने तेल में सेंधा नमक मिलाएं और इस तेल को सूजन वाले स्थान पर लगाएं। आप सूजन वाली जगह को गर्म पट्टी से ढक कर सो सकते हैं। यह तेल दर्द को कम करने में भी सक्षम है।

3. लहसुन (Garlic)

लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल गुण, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कई बीमारियों में सहायक होते हैं। लहसुन के सेवन से भी सूजन को कम किया जा सकता है। आप अपनी डाइट में लहसुन को जरूर शामिल करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Vineeta Kumar
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