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ये 5 कारण बताते हैं की आपका मानसिक स्वास्थ्य कई दुसरे दिनों की तुलना में कुछ दिन खराब रहता है!

Here are 5 reasons why your mental health is worse some days than many others!
ये 5 कारण बताते हैं की आपका मानसिक स्वास्थ्य कई दुसरे दिनों की तुलना में कुछ दिन खराब रहता है!
वैशाली शर्मा

जैसा की सब जानते हैं, की हर दिन एक जैसा नही होता. जिन्दगी के कुछ दिन ख़ुशी से भरे होते हैं, तो कुछ गम में डूबे. पर क्या आप ये जानते हैं की साल में कई बार ऐसा होता है जब आपके कई दिन ऐसे निकलते है जो आपको कई दुसरे दिनों की तुलना में अधिक पीढ़ा पहुंचाते है? वो भी बिना किसी बड़ी वजह के. चलिए जानते हैं की इसके वो 5 कारण कौन-कौन से हैं ?

इन 5 कारणों में से 1 कारण है:

१. अच्छी नींद:

अच्छी नींद हमारे अनुभव के हर पहलू पर सकारात्मक प्रभाव डालती है, ऊर्जा और मनोदशा से लेकर चिड़चिड़ापन और उत्पादकता तक। कुछ रातों की छोटी या टूटी हुई नींद चिंता में वृद्धि, मूड में गिरावट और जीवन से निपटने के लिए एक व्यापक संघर्ष को ट्रिगर कर सकती है।

२. सही खान-पीन:

हमारा शरीर हमारे मनोविज्ञान को प्रभावित करता है जैसे की, चीनी की अधिकता हमारे मूड और ऊर्जा में गिरावट का कारण बन सकती है, और कैफीन चिंता को बढ़ा सकता है। जैसा कि आहार और मानसिक स्वास्थ्य पर शोध की हालिया समीक्षा के लेखकों ने निष्कर्ष निकाला है, "आहार के विशिष्ट पहलुओं से मनोदशा में तीव्र परिवर्तन हो सकते हैं"

३. वास्तविकता को स्वीकार करना:

क्या हम अपने जीवन की वास्तविकता से खुद रूबरू हैं? हमारे सभी अनुभवों के लिए जगह बना रहे हैं? या क्या हम उन चीजों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें हम पसंद नहीं करते लेकिन बदल भी नहीं सकते हैं, और इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उन्हें अलग होना चाहिए? जितना आधिक हम अपनी जीवन की सचाई से लड़ेंगे, उतनी ही पीढ़ा हमे हमारे जीवन में होगी जिसका सीधा प्रभाव हमारी रोज़ की जिन्दगी में देखने को मिलता है.

४. मानसिकता:

हमारी मानसिकता दिन-प्रतिदिन बदलती रहेती हैं. हम आशावादी से निराशाजनक होते जा रहें है, बिखराव से बहुतायत तक, यह सोचने से कि दुनिया हमारे खिलाफ है, यह जानने के लिए कि ब्रह्मांड हमे पीठ दिखा रहा है। एक साधारण परिवर्तन हमारे मन की शांति पर बेहतर और बदतर के लिए बड़ा प्रभाव डाल सकता है। इसलिए जरूरी है, एक स्थिर मानसिकता जो हमे हमारे जीवन को आगे बढ़ाने में मदद करे.

५. अपनी असफलता का स्वीकार करें:

लोग अक्सर अपनी असफलताओं से मुह मोड़ लेते है और अपना जीवन उदासी और शोक में जीते हैं, ये भी एक बड़ा कारण है की आप खुद को आगे बढ़ने से रोक रहें है. ये याद रखना ज़रूरी है जब आप अपने धर्म के प्रति पारदर्शी होंगे, तो धर्म भी आपके प्रति पारदर्शी रहेगा. पर आपको पहले खुद के लिए और अपनी सफलताओं को पाने के लिए, आपनी असफलता को स्वीकारना होगा.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by वैशाली शर्मा

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