बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए जरूरी हैं ये 5 विटामिन्स : Bacho Ki Growth Badhane Ke Liye Jaruri Hai Ye 5 Vitamins

बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए उन्हें जरूर दें ये 5 विटामिन्स (फोटो - sportskeeda hindi)
बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए उन्हें जरूर दें ये 5 विटामिन्स (फोटो - sportskeeda hindi)

हर बच्चे के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा हेल्दी होता है और शुरुआती 6 महीने तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध पिलाने की ही सलाह दी जाती है। इसके साथ ही हर नवजात शिशु के लिए सबसे जरूरी होता है कि उसके शरीर में जरूरी न्यूट्रिएंट (Nutrients for Babies Growth) की कमी न हो, क्योंकि इन पोषक तत्वों की कमी उनकी ग्रोथ को प्रभावित करती है। ऐसे में जानते हैं बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए जरूरी विटामिन्स कौन से हैं।

बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए उन्हें जरूर दें ये 5 विटामिन्स -

कैल्शियम - कैल्शियम (Calcium) शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। शरीर में कैल्शियम की कमी कई समस्याओं को जन्म दे सकती है। जब छोटे बच्चे या फिर नवजात ग्रोथ की ओर बढ़ रहे होते हैं, जिसमें कैल्शियम एक बहुत अहम भूमिका निभाता है। इसके सोर्स हैंः दूध, सोया प्रोडक्ट, ब्रोकली, रागी, बादाम, बीन्स हरी और पत्तेदार सब्जियां।

फैट - बच्चों की अच्छी ग्रोथ के लिए जितना जरूरी प्रोटीन होता है ठीक उतना ही जरूरी फैट (Fat) भी होता है। बच्चों को 6 महीने के होने के बाद से ही फैट से संपन्न फूड्स खिलाना चाहिए, जो उनमें ऊर्जा बढ़ाने का काम करते हैं। इसके सोर्स हैंः एवोकाडो, केला, पीनट बटर, शकरकंद, मौसमी फल और सब्जियां।

आयरन - आयरन (Iron) न सिर्फ बच्चों के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है बल्कि उनके बौद्धिक विकास में भी मदद करता है। आयरन, शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने का भी काम करता है। इसके सोर्स हैंः टोफू, अनार, टमाटर, हरी सब्जियां, चुकंदर और दालें।

प्रोटीन - बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए प्रोटीन खासा जरूरी न्यूट्रिएंट होता है। अगर आप स्तनपान कराने वाली महिला हैं तो आपको अपने बच्चों को 6 महीने के बाद प्रोटीन (Protein) से संपन्न फूड्स खिलाने चाहिए। इसके सोर्स हैंः अंडा, एवोकाडो , नट्स और बीन्स।

जिंक - जिंक (Zinc) की कमी शरीर में कई रोगों को बढ़ाने का काम करती है और जिंक हर एक व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी होता है। जिंक बच्चों की ग्रोथ के साथ-साथ इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। इसके सोर्स हैंः लो-फैट मिल्क, योगर्ट, दालें, नट्स और अनाज।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Naina Chauhan