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वैरिकाज़ नसों के लिए आयुर्वेदिक उपचार - Varicose Naso ke liye Ayurvedic upchar

वैरिकाज़ नसों के लिए आयुर्वेदिक उपचार
वैरिकाज़ नसों के लिए आयुर्वेदिक उपचार

Ayurvedic Treatment for Varicose Veins in hindi: वैरिकाज़ की समस्या होने पर नसों (अधिकतर पैर) में सूजन आ जाती है। शिरापरक रक्त पैरों से हृदय तक एक ऊपरी दिशा में बहती है। रक्त में ऊपरी प्रवाह की सहायता करने वाले नसों में विशेष वाल्व होते हैं। थकान, लंबे समय तक खड़े रहना, रजोनिवृत्ति और कई अन्य कारण वालों को कमजोर कर सकते हैं। यह रक्त प्रवाह के गति को प्रभावित करते हैं। ये समस्या होने पर इन नसों में असहनीय दर्द होता है जिसके कारण चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है।

वैरिकोज की वजह (cause of varicose)

वैरिकाज के होने की कई वजह हो सकती है। लगातार खड़े रहकर काम करना, घंठों बैठकर काम करना, एक्सरसाइज नहीं करना, नसें कमजोर, वाल्व खराब, नसों में दर्द, सूजन और जलन, नीली नसों के गुच्छे, फैमिली हिस्ट्री, हार्मोनल बदलाव, बढ़ती उम्र, मोटापा।

वैरिकाज़ नसों के लक्षण (symptoms of varicose veins)

नीली नसों का गुच्छा

पैरों में सूजन

मसल्स में ऐंठन

स्किन पर अल्सर

अपने खानपान में इन सब चीजों का करें सेवन (diet for varicose veins)

-आमला जैसे खट्टे फलों का सेवन करना फायदेमंद होता है। इससे थके हुए और वैरिकाकृत नसों को फिर से जीवित करने में मदद मिलती है।

-अपने आहार में ताजे फल, साबुत अनाज (जौ, बाजरा) और प्रोटीन (दूध, अंडा, मछली और चिकन) शामिल करें और साथ ही पानी खूब पीएं।

-लाल मांस और मसालेदार भोजन से बचें

-लहसुन, प्याज और अदरक का सेवन होगा फायदेमंद

-ज्यादा कठोर व्यायाम ना करें साथ ही एक्सरसाइज के बाद कभी भी अपने पैरों को ठंडे पानी से न भिगोएं। यह वैरिकोज़ नसों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

-अच्छी नींद लें और दिमाग को आराम देने की कोशिश करें।

वैरिकोज का आयुर्वेदिक इलाज (ayurvedic treatment for varicose veins)

वैरिकोज की समस्या होने पर ये सारी चीजें काम आ सकती हैं- एलोवेरा पल्प, सलाई गुग्गुल का पेस्ट, गुग्गुल का पेस्ट, अश्वगंधा पाउडर, शिलाजीत पाउडर, नीम के पत्ते का पेस्ट, हल्दी पाउडर, एलोवेरा जूस, मुल्तानी मिट्टी।

ऐसे तैयार करें आयुर्वेदिक लेप (varicose ke liye Ayurvedic paste)

आयुर्वेदिक लेप तैयार करने के लिए एक कढ़ाई में एलोवेरा पल्प डाल कर सभी को मिलाकर अच्छे से धीमी आंच पर पका लें। इसके बाद करीब 10-15 मिनट करने के बाद गुग्गुल अच्छी तरह से मिक्स हो जाएगा। इसके बाद इसमें मुल्तानी मिट्टी डालकर थोड़ी देर और पका लें। पक जाने के बाद आयुर्वेदिक लेप बनकर तैयार हो जाएगा और फिर इसे वैरिकोज वेन्स पर लगा लें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj
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