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नियमित रूप से हिचकी आने के कारण और उपचार - Niyamit Rup Se Hichki Aane Ke Karan Aur Upchar

नियमित रूप से हिचकी आने के कारण और उपचार  ( फोटो - Sportskeeda Hindi )
नियमित रूप से हिचकी आने के कारण और उपचार ( फोटो - Sportskeeda Hindi )
Shilki

हिचकी (Hiccups) आना बहुत ही आम बात होती है। हिचकी दिन में एक बार तो आती ही है। एक या दो बार दिन में हिचकी का आना नॉर्मल है। लेकिन, यही हिचकी दिन में कई बार आए या बनी ही रहे। तो यह चिंता का विषय है। हिचकी का नियमित तौर पर आना, इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। हिचकी आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इसको रोकने के लिए क्या उपचार अपनाया जा सकता है। इस लेख के जरिए हम आपको बताएंगे।

हिचकी आने के कारण

सही तरीके से भोजन नहीं करना

ज्यादा ठंडा खाना

पाचन ठीक न रहने पर भोजन

ठण्डी जगह पर रहना

धुआं, धूल, का श्वांस नली में चले जाना

खाना खाते समय बात करना

शराब का अधिक सेवन करना

किसी तरह के तनाव में होना

भावनात्मक रूप से उत्तेजित होना।

हिचकी को रोकने के उपचार

आंवला और मिश्री का करें सेवन (Amla and Mishri) - यदि हिचकी नहीं रुक पा रही है, तो सोंठ, आंवले और पीपल के चुर्ण को एक-एक ग्राम लें और इसमें शहद या मिश्री मिलाकर साथ खाएं। इस घरेलू नुस्खे से हिचकी को आने से रोका जा सकता है।

पिप्पली चूर्ण और पिसी हुई मिश्री (Pippali and Mishri) - हिचकी के लगातार आने के कारण हमारा मन नहीं लगता। ऐसे में आप हिचकी को रोकने के लिए। पिप्पली चूर्ण और पिसी हुई मिश्री को मिलाकर, जिस व्यक्ति को हिचकी आ रही हो उसे सुंघाएं। ऐसा करने से हिचकी बंद हो जाती है।

नींबू और नमक का करें इस्तेमाल (Lemon and Salt) - हिचकी के लिए एक और घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। हिचकी आते वक्त गुनगुने पानी में नींबू का रस और एक चुटकी नमक और पुदीने के कुछ पत्ते मिलाएं और इसे पीएं। इस पानी से गैस की समस्या और हिचकी दोनों में राहत मिलेगी।

सोंठ और हरड़ का प्रयोग (Use of dry ginger and myrrh) - सोंठ और बड़ी हरड़ को बराबर मात्रा में पीसे और इसका चूर्ण बना लें। इसक तीन ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करें इससे हिचकी बंद हो जाएगी।

हिचकी को जल्दी रोकने के लिए नींबू का टुकड़ा चूसें।

हिचकी से जल्दी राहत पाने के लिए, एक गिलास ठण्डे पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं

हिचकी को रोकने के लिए, एक चम्मच शक्कर लें और मुंह में घुलने दें। फिर 5 मिनट बाद पानी पीएं।

बच्चों को हिचकी आए, तो एक चम्मच शहद या पीनट बटर खिलाएं।

हिचकी रोकने के लिए अदरक के छोटे टुकड़े को मुंह में रख कर चूसने से हिचकी बंद हो जाती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Shilki

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