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थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है - thrombocytopenia me platelets ki sankhya kam ho jati hai

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है
थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है
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Ritu Raj

एनीमिया के बाद ब्लड का सबसे सामान्य रोग थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (Thrombocytopenia) को माना जाता है। ये ऐसी बीमारी है, जिसमें रक्त के प्लेटलेट काउंट (platelets Count) सामान्य प्लेटलेट काउंट से कम हो जाते हैं। प्लेटलेट कम होने से रक्तस्राव और रक्त की कमी की समस्या बढ़ जाती है और यदि रक्त का थक्का बनने से जुड़ी अन्य कोई बीमारी हो, तो यह और भी गंभीर समस्या बन सकती है।

इस कारण हो सकता है थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (This can cause thrombocytopenia)

प्लेटलेट्स (थ्रोम्बोसाइट्स) रंगहीन ब्लड सेल होते हैं, जो रक्त का थक्का बनने में सहायता करते हैं। रक्त वाहिनियों में चोट लगने पर प्लेटलेट्स इनमें गुच्छा बनाकर रुकावट करने का कम करते हैं और रक्त को बहने से रोक देते हैं। ल्यूकेमिया या इम्यून सिस्टम (immune system) में कमी के कारण भी थ्रोम्बोसाइटोपेनिया की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कुछ खास दवाइयों के साइड इफेक्ट के चलते भी ये समस्या हो सकती है।

बोन मैरो में पर्याप्त संख्या में नए प्लेटलेट नहीं बनते पर हो सकता है थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (What is Thrombocytopenia)

दरअसल, हर प्लेटलेट करीब दस दिनों तक ही जिंग रहता है, इसलिए शरीर बोनमैरो में नए प्लेटलेट बनाता रहता है। जब बोन मैरो में पर्याप्त संख्या में नए प्लेटलेट नहीं बनते या तेजी से टूटते हैं तो ऐसे में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया रोग हो सकता है। प्लेटलेट्स के जमाव या असामान्य वितरण से तिल्ली से संबंधित रोग हो सकते हैं। पसलियों के नीचे एक छोटा सा अंग तिल्ली होता है, जो संक्रमण से लड़ता है और रक्त में आए बेकार तत्वों को फिल्टर करता है। बढ़ी हुई तिल्ली में काफी प्लेटलेट्स जमा हो जाते हैं, जिसे स्प्लीन रोक कर रखता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन में रहने वाले प्लेटलेट्स की संख्या में कमी आ जाती है।

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के लक्षण (Symptoms of Thrombocytopenia)

आसानी से या बार-बार चोट लगना

त्वचा में सतही रक्तस्राव होना, जो लाल-बैंगनी धब्बों के रूप में सामान्यतः टांग के नीचे की तरफ दिखाई देना

मासिक धर्म के दौरान असामान्य रक्तस्राव होना

थकान, तिल्ली का बढ़ना, पीलिया

कहीं कट जाने पर देर तक खून बहना

मसूड़ों या नाक से रक्त बहना

मूत्र या मल में रक्त आना

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Ritu Raj
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