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मानसिक स्वास्थ्य मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करता है? जानिए!

How does mental health affect the brain?
मानसिक स्वास्थ्य मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करता है? जानिए!
वैशाली शर्मा

मानसिक स्वास्थ्य हमारे मस्तिष्क को जिस तरीके से प्रभावित करता है, उसका अंदाजा हम इस बात से लगा सकते हैं, कि हमारे दिमाग में मौजूद न्यूरो सेल्स और उनके बीच होने वाली कम्युनिकेशन को हमारा ख़राब मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित करता है. यह हमारे ब्रेन की केमिस्ट्री और फंक्शन दोनों को प्रभावित करता है। मेंटल डिसऑर्डर का संबंध हमारे मस्तिष्क में मौजूद केमिकल्स के लेवल पर भी निर्भर करता है।

लेकिन इन सब बातों को जानने के बाद जो सबसे बड़ा सवाल सामने आता है, वह है कि हमारा ख़राब मेंटल हेल्थ ब्रेन के किस पार्ट को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है. तो उसका उतर है, अमिगडाला! जो मस्तिष्क की प्रतिक्रिया में केंद्रीय रूप से शामिल है, जो चिंता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए माना जाता है।

हमारे मस्तिष्क का वह कौन सा भाग है जो हमारे ख़राब मानसिक स्वास्थ्य की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है?

आप जानकर हैरान हो जाएंगे की ख़राब मानसिक स्वास्थ्य के कारण हमारी सोचने की शक्ति पर कितना प्रभाव पड़ता है. हमारे दिमाग को सब परिस्थितियों में अपने आप को संभालने के लिए कितने जतन करने पड़ते हैं. सबसे पहले सोचने की शक्ति हमारी कम होने लगती है हम अपनी चीजों से लेकर अपनी पढ़ाई, लिखाई, काम करने पर तक कॉन्सन्ट्रिक यानि ध्यान नहीं लगा पाते जिसके कारण बढ़ता डर और चिंताएं हमें घेरे में ले लेतीं हैं. चिंताएं इतनी बढ़ जाती है कि हमें जिंदगी में हर चीज का नाश हो जाने जैसा महसूस होता है. यह दिल की भावना और बदलते मूड जो कभी आपको हंसा देते हैं तो कभी बेवजह रुला भी देते हैं. हमारे खराब मानसिक स्वास्थ्य को और खराब होने की दिशा में लेकर जाते हैं, यह गंभीर बात है।

क्या हमारा मस्तिष्क सक्षम है खुद को सही करने के लिए?

हमारा दिमाग हमारे समझ से बहुत आगे है। ऐसा हमारे साइंटिस्ट भी मानते हैं इसीलिए लगातार चलते एक्सपेरिमेंट से निकल कर आया है, कि हमारा मस्तिष्क यानी हमारा दिमाग खुद में सक्षम है, अपने खराब स्वास्थ्य को खुद से ठीक करने में. मगर यह अपवाद है, उन सभी के लिए जो अधिक मानसिक स्वास्थ्य के ख़राब होने से अपनी जिंदगी में परेशानियां झेल रहे। जब हमारा दिमाग खुद में सक्षम है सारे ही बदलाव को स्वीकार करने और खुद में खुद को सही करने के लिए तो वज्ञानिकों ने इस फिनोमिना को एक नाम भी दिया है. साइंटिस्ट ने इसे "न्यूरोप्लास्टिसिटी" के नाम से पुकारा है. सभी साइंटिस्ट इसे मॉडल साइंस के इस युग में बहुत ही महत्वपूर्ण डेवलपमेंट मानते हैं मनुष्य के ब्रेन को समझने के कांटेक्ट में.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by वैशाली शर्मा

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