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मुक्ता वटी के फायदे Mukta Vati Ke Fayde

फोटो- myupchar
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Naina Chauhan
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आयुर्वेद में कई रोगों का पक्का इलाज है। बाजार में कई तरह की आयुर्वेद दवा मौजूद है। इसमें से मुक्ता वटी भी एक है। मुक्ता वटी के सेवन से cholesterol (कोलेस्ट्रॉल) को नियंत्रित रखने के साथ-साथ मानसिक समस्याओं में भी मदद करता है। मुक्ता वटी में आयुर्वेद की कई जाने-मानी जड़ी-बूटिया जैसे ब्राह्मी, शंखपुष्पी, उग्रगंधा, गाजवां, ज्योतिष्मती इत्यादि को मिलाकर बनाया गया है। ये सभी अपने आयुर्वेदिक गुण और उपचार के लिए जानी जाती हैं। ब्राह्मी से मानसिक समस्याओं से लड़ने में मदद मिलती है। ज्योतिष्मती से हृदय रोगों के उपचार में काफी असरदार है। शंखपुष्पी तंत्रिका तंत्र की समस्याये, अनिद्रा, मिर्गी, अवसाद, रक्त-शनशोधन इत्यादि कार्यो में मदद करती है। पुष्कमूल रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को नियंत्रण रखने में मदद करती है। और उग्रगन्धा ध्यान, स्मरण शक्ति, दिमाग के बेहतर कार्य करने में मदद करता है। ये एक तरह का ब्रैंटोनिक है।

मुक्ता वटी के फायदे -

मुक्ता वटी के सेवन से व्यक्ति को कई लाभ मिलते हैं। जैसे ब्लड प्रेशर में लाभकारी होती है। इसके साथ ही सीने में दर्द, सर दर्द, घबराहट, अनिंद्रा, चक्कर आना आदि में भी मुक्ता वटी का सेवन किया जाता है। इसके सेवन से बीमारियों को दूर किया जा सकता है।

कैसे करें मुक्ता वटी का सेवन -

व्यक्ति की उम्र, अवस्था व जरूरत की हिसाब से डॉक्टर से पूछकर लेना शुरू करें। आमतौर पर दिन में 1 से 2 टैबलेट का सेवन सुबह-शाम खाली पेट करना चाहिए। इसके सेवन के 1 घंटे बाद ही भोजन करें। इसका सेवन शुद्ध पानी या हल्के गर्म गाय दूध के साथ कर सकते है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Naina Chauhan
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