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प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज के फायदे : Pregnancy Me Pelvic Exercise Ke Fayde

प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज के फायदे (फोटो - sportskeeda hindi)
प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज के फायदे (फोटो - sportskeeda hindi)

प्रेग्नेंसी के समय में हर महिला चाहती है कि उसकी नॉर्मल डिलीवरी हो ताकि आने वाले समय में उसका शरीर भी बीमारियों से दूर रहे। ऐसे में पेल्विक एक्सरसाइज करना लाभकारी होता है। इस एक्सरसाइज को करने से पेल्विक क्षेत्रों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। पेल्विक एक्सरसाइज को नियमित रूप से करने से पेल्विक क्षेत्र यानी मूत्राशय, गर्भाशय, छोटी आंत और मलाशय मजबूत होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए यह एक्सरसाइज फायदेमंद होती है। प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज करने से योनि प्रोलैप्स (vaginal prolapse) का इलाज सही से होता है। यह गर्भाशय के प्रोलैप्स (uterine prolapse) को रोकने में मददगार होता है। आपको बता दें कि प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज करने के लिए किसी भी निर्भारित समय की जरूरत नहीं होती है। यह एक्सरसाइज आप किसी भी समय कर सकते हैं। जानते हैं प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज के फायदे।

प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज करने के फायदे (Benefits pelvic exercise During pregnancy in hindi)

1 . प्रेग्नेंसी के समय पर पेल्विक एक्सरसाइज करने से लेबर पेन कम होता है।

2 . प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज से महिलाओं का शरीर सामान्य प्रसव के लिए तैयार होता है।

3 . प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज करने से महिला का वजन कंट्रोल में रहता है।

4 . पेल्विक एक्सरसाइज से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

5 . इस एक्सरसाइज से महिला का शरीर लचीला होता है। साथ ही शरीर में ताकत बढ़ती है।

6 . प्रेग्नेंसी में होने वाली बवासीर की परेशानी को दूर करने में मदद मिलती है।

7 . प्रेग्नेंसी में पेल्विक एक्सरसाइज करने से प्रसव के बाद रिकवरी जल्दी होती है।

प्रेग्नेंसी में क्यों करना चाहिए पेल्विक एक्सरसाइज ?

प्रेग्नेंसी के समय में पेल्विक एक्सरसाइज नियमित रूप से करनी चाहिए। इस एक्सरसाइज को करने से महिलाओं का पेल्विक एरिया मजबूत होता है। जो नॉर्मल डिलीवरी के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप भी अपनी नॉर्मल डिलीवरी चाहती हैं। तो यह एक्सरसाइज जरूर करें। पेल्विक एक्सरसाइझ से गर्भाशय और योनि की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे लेबर पैन कम होता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Naina Chauhan
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