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बवासीर में हल्दी के फायदे-Piles Me Haldi Ke Fayde

बवासीर में हल्दी के फायदे(फोटो-Sportskeeda hindi)
बवासीर में हल्दी के फायदे(फोटो-Sportskeeda hindi)

हल्दी (Turmeric) औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसलिए हल्दी का इस्तेमाल कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। हल्दी के इस्तेमाल से बवासीर यानि पाइल्स (Piles) की बीमारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है। अक्सर कर लोगों को बवासीर की शिकायत हो जाती है। लेकिन अगर आप हल्दी का सेवन करते हैं, तो इस समस्या से काफी हद तक आराम पा सकते हैं। जानिए बवासीर की शिकायत होने पर हल्दी का किस तरह से सेवन कर सकते हैं।

बवासीर में हल्दी के फायदे (Piles Me Haldi Ke Fayde In Hindi)

हल्दी और घी

बवासीर की बीमारी को ठीक करने के लिए हल्दी के साथ घी (Ghee) का सेवन करना चाहिए। इससे बवासीर में होने वाले दर्द और जलन की शिकायत से छुटकारा मिलता है। इसके लिए एक चम्मच घी में चुटकी भर हल्दी मिलाकर सेवन करना चाहिए।

नारियल तेल और हल्दी

बवासीर की शिकायत होने पर नारियल तेल (Coconut Oil) और हल्दी दोनों ही काफी फायदेमंद साबित होते हैं। इसके इस्तेमाल से बवासीर में होने वाले जलन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए नारियल तेल में हल्दी मिलाकर प्रभावित वाली जगह पर लगाना चाहिए।

काला नमक और हल्दी

काला नमक (Black Salt) और हल्दी इन दोनों के सेवन से भी बवासीर की बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। इसके लिए हल्दी और काले नमक को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए।

हल्दी और प्याज का रस

बवासीर की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए प्याज (Onion) और हल्दी काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसके लिए प्याज के रस में हल्दी और सरसों के तेल को मिलाकर प्रभावित होने वाली जगह पर लगाना चाहिए। इससे बवासीर की शिकायत से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है।

हल्दी और एलोवेरा जेल

हल्दी के साथ एलोवेरा जेल (Alovera Gel) मिलाकर लगाने से भी बवासीर के दर्द और जलन से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए एलोवेरा जेल में चुटकी भर हल्दी मिलाकर प्रभावित वाली जगह पर लगाना चाहिए।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Rakshita Srivastava
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