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सादा पान खाने से मिल सकते हैं ये 6 फायदे

सादा पान खाने से मिल सकते हैं ये 6 फायदे (फोटो - sportskeedaहिन्दी)
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Vineeta Kumar

भोजन के बाद पान कई भारतीय लोग पान खाने की इच्छा रखते हैं, चाहे वह सादा, मीठा, जर्दा या बनारसी हो। लेकिन पान के पत्ते में माउथ फ्रेशनर होने के अलावा और भी बहुत कुछ है। यह पत्ता औषधीय गुणों से भरपूर है, दंत स्वास्थ्य से लेकर मधुमेह तक में अहम भूमिका निभाता है। इसमें कोई शक नहीं कि पान हमारे देश और परिवारों में एक सर्वव्यापी चीज है। पान के पत्तों के शरीर के लिए अपने फायदे हैं और वे भूख को प्रभावित करने के लिए भी जाने जाते हैं।

सादा पान भी शरीर को कई फायदे दे सकता है। पान कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इसकी पत्तियों में विटामिन C, थायमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविनन जैसे विटामिन भी होते हैं। यह लेख आपको सादा पान खाने के फायदे (Sada Paan Khane Ke Fayde In Hindi) बताने जा रहा है, इन्हें जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

सादा पान खाने से मिल सकते हैं ये 6 फायदे - Sada Paan Khane Ke Fayde In Hindi

1. मधुमेह का प्रबंधन करता है (Manages diabetes)

पान के पत्ते एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो मधुमेह के रोगियों में ऑक्सीडेटिव तनाव का मुकाबला करते हैं। यह रक्त शर्करा के स्तर (blood sugar level) को कम करता है और इस प्रकार मधुमेह विरोधी एजेंट के रूप में कार्य करता है।

2. चोटों और घावों को ठीक करता है (Heals bruises and wounds)

पान के पत्ते प्रोटीन की मात्रा और घाव के संकुचन की दर को बढ़ाते हैं। साथ ही ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (oxidative stress) को भी कम करते हैं। घाव, विशेष रूप से जलने की चोटें, तेजी से ठीक हो जाती हैं।

3. शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करे (Reduce the level of bad cholesterol in the body)

पान में मौजूद यूजेनॉल (Eugenol) लिवर में कोलेस्ट्रॉल के संश्लेषण और आंतों में अवशोषण को रोकता है। यह कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉल की अपचय प्रक्रिया में भी सहायता करता है।

4. अस्थमा के दौरे को रोकता है (Prevents asthma attacks)

पान के एंटीहिस्टामाइन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ब्रोंकाइटिस (bronchitis) के माध्यम से हवा के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करते हैं। इस प्रकार अस्थमा के दौरे की संभावना कम हो जाती है।

5. ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया से बचाव करे (Protect against Gram-positive and Gram-negative bacteria)

पान के पत्ते रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया जैसे ई. कोलाई, एस. ऑरियस और पी. एरुगिनोसा को अपने रोगाणुरोधी गुणों के कारण शरीर से दूर रखते हैं।

6. डिप्रेशन पर काबू पाने में मदद करे (Help overcome depression)

पान के पत्तों में एक सुगंधित फेनोलिक यौगिक होता है जिसे कैटेकोलामाइन (catecholamine) उत्तेजक माना जाता है। यह हार्मोन डिप्रेशन के लक्षणों के उपचार में मदद करता है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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