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सिजोफ्रेनिया का घरेलू उपचार : Schizophrenia Ka Gharelu Upchar

सिजोफ्रेनिया का घरेलू उपचार (source - sportskeeda hindi)
सिजोफ्रेनिया का घरेलू उपचार (source - sportskeeda hindi)
Vineeta Kumar
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सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) एक गंभीर मानसिक विकार है जिससे वास्तविकता और भ्रम के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है। सिज़ोफ्रेनिया, स्पष्ट रूप से सोचना और सामाजिक बातचीत से कार्य करना मुश्किल बना देता है। सिज़ोफ्रेनिया का सटीक कारण अज्ञात है। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि यह आनुवंशिक (genetic), शारीरिक (physical), मनोवैज्ञानिक (psychological) और पर्यावरणीय कारकों (environmental factors) जैसे कई कारकों के कारण होता है। सिज़ोफ्रेनिया के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं; मतिभ्रम (Hallucination), भ्रम (Delusion), असामान्य मोटर व्यवहार, विचार विकार, भावनात्मक सपाटता, अव्यवस्थित व्यवहार और व्यक्तिगत स्वच्छता की उपेक्षा। सिज़ोफ्रेनिया आत्मघाती विचारों और व्यवहारों से भी जुड़ा हुआ है।

सिज़ोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार है, इसलिए उचित निदान और उपचार की अत्यधिक जरूरत होती है। साथ ही सिजोफ्रेनिया का इलाज विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए। परन्तु इन घरेलू उपचारों से लक्षणों में राहत देखने को मिलेगी :-

सिजोफ्रेनिया का घरेलू उपचार : Schizophrenia Ka Gharelu Upchar In Hindi

1. लीकोरिस रूट (Licorice root)

लिकोरिस रुट तनाव और चिंता को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है, जो आमतौर पर सिज़ोफ्रेनिया के रोगियों में पाया जाता है। लीकोरिस रूट में मिनरल भी होते हैं जो रक्त में शर्करा को नियंत्रित करते हैं। इतना ही नहीं, यह सुसंगत सोच (coherent thinking) को बढ़ावा देता है और मन को शांत करता है।

2. आंवला (Indian gooseberry)

आंवला कई तरह के रोगों में अपने हीलिंग पाउडर के लिए प्रसिद्ध है। यह विटामिन C से भरा हुआ है जो आपके शरीर को सिज़ोफ्रेनिया विकार से लड़ने के लिए मजबूत बनाने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity system) को मजबूत करता है। इस उपाय के लिए आप एक महीने तक 2-3 आंवले का सेवन करें। आंवले को पीसकर, एक गिलास गर्म पानी में डालें और दिन में दो बार पियें। आप सूखे आंवले की पत्तियों से चाय भी बना सकते हैं।

3. घी और बादाम (Ghee and Almonds)

आयुर्वेदिक चिकित्सा में घी और बादाम को ब्रेन फूड माना जाता है। वे मैग्नीशियम, जिंक, विटामिन E से भरपूर हैं, जो मस्तिष्क के समुचित कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले एक मुट्ठी बादाम को 8 घंटे के लिए भिगो दें और फिर उन्हें पीसकर पेस्ट बना लें। इसके बाद दो टेबल स्पून घी गर्म करें, बादाम का पेस्ट डालें और 3-5 मिनट तक भूनें। इस मिश्रण में चीनी मिलाकर सुबह खाएं।

4. एशियाई जिनसेंग (Asian ginseng)

एशियाई जिनसेंग में न्यूरोप्रोटेक्टिव और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मस्तिष्क की रक्षा करने में मदद करते हैं। यह खुशी और कल्याण की भावना लाकर मूड को बढ़ाने में भी मदद करता है। सिज़ोफ्रेनिया के लक्षणों को कम करने के लिए, एक चम्मच जिनसेंग पाउडर को एक कप पानी में 10-15 मिनट के लिए डुबोकर रखें, इस घोल को छान लें और दिन में एक बार पियें। 2-3 महीने के लिए दिन में एक बार उपचार का पालन करें।

5. हरी इलायची के बीज (Green Cardamom Seeds)

भारतीय रसोई में उपयोग के अलावा, इलायची कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। यह इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करती है जो इसे सिज़ोफ्रेनिया के लिए एक वैकल्पिक उपचार बनाता है। चाय बनाने के लिए, एक गिलास गर्म पानी में एक टी स्पून पिसे हुए बीज 10 मिनट के लिए भिगो दें, छान लें और गर्म होने पर पिएं। इसका सेवन दिन में 2 बार करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


Edited by Vineeta Kumar
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