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आंतों की टीबी के लक्षण और इसका इलाज- Anto ki TB ke lakshan aur iska ilaz

आंतों की टीबी के लक्षण और इसका इलाज
आंतों की टीबी के लक्षण और इसका इलाज

आंतों में टीबी (Intestinal tuberculosis) की समस्या एक संक्रामक रोग है, जो टीबी के बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस) से फैलता है। लेकिन कुछ मरीजों में इसका कारण माइकोबैक्टीरियम बोविस भी होता है। यह रोग सामान्यतः टीबी के बैक्टीरिया से संक्रमित खाना खाने या फेफड़ों के टीबी की अवस्था में मरीज द्वारा खुद का संक्रमित बलगम निगलने से होता है। एड्स व कैंसर के मरीज और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों में भी इसके मामले अधिक पाए जाते हैं।

आंतों में टीबी के लक्षण- Intestinal tuberculosis symptoms

आंतों की टीबी में वैसे तो लक्षण पहचानना मुश्किल होता है पर कुछ-कुछ लक्षण हैं जिनकी मदद से इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ ही अगर इसका इलाज जल्दी नहीं कराया गया तो यह आपकी आंतों को पूरी तरह से खराब कर सकता है।

वजन का कम होना (Weight loss starts due to TB in the intestines)

आंतों में टीबी होने पर इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता जो ठीक से काम नहीं कर पाता। इसकी वजह से खाना पचने में परेशानी होती है। जिसके चलते मरीज धीरे-धीरे पतला होने लगता है और वजन तेजी से घटता है।

हल्का बुखार (mild fever in intestinal TB)

लगातार हल्का बुखार भी टीबी का लक्षण है। कई बार रात में बहुत तेज गर्मी लग सकती है और पसीना भी आ सकता है।

हल्का पेट दर्द (mild abdominal pain in intestinal TB)

कई लोगों में आंतों में टीबी की समस्या में हल्का पेट दर्द भी महसूस होता है। ये दर्द कभी कम तो कभी ज्यादा हो सकता है।

पेट में तेज ऐंठन (severe stomach cramps)

पेट में तेज ऐंठन भी आंतों की टीबी का लक्षण है। पेट में तेज ऐंठन रह-रह कर हो सकता है।

आंतों की टीबी का इलाज (Intestinal TB treatment)

डाइट (diet in Intestinal TB)

आंतों की टीबी की समस्या होने पर खानपान में प्रोटीन युक्त दालें, सोयाबीन अधिक लें। इसके अलावा अपनी डाइट में सूप, आलू, चावल व केला शामिल करें। अगर इलाज करा रहे हैं तो शुरुआत में दूध उत्पाद से बचें, ये दस्त का कारण बनते हैं।

सर्जरी (Intestinal TB treatment surgery)

करीब 50 फीसदी मरीज दवाओं से ठीक हो जाते हैं और तीस फीसदी रोगी ऐसे हैं जिनमें बैक्टीरिया मरने के बाद भी रह जाने से आंतों में रुकावट आती है। इसे दूर करने के लिए एंडोस्कोपी या सर्जरी की जरूरत होती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Edited by Ritu Raj
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