ये जड़ी-बूटियाँ और मसाले आपकी सुजन को कर सकते हैं ख़तम, जानिये!

These Herbs and Spices Can Kill Your Inflammation, Know!
ये जड़ी-बूटियाँ और मसाले आपकी सुजन को कर सकते हैं ख़तम, जानिये!

सूजन चोट, संक्रमण या बीमारी के लिए शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है। यह उपचार प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन जब यह पुराना हो जाता है, तो यह गठिया, हृदय रोग और कैंसर सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

कई जड़ी-बूटियाँ और मसाले हैं जो सूजन को कम करने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं।

हल्दी:

हल्दी एक चमकीले पीले रंग का मसाला है जो व्यापक रूप से भारतीय और मध्य पूर्वी व्यंजनों में उपयोग किया जाता है। इसमें कर्क्यूमिन नामक यौगिक होता है, जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि करक्यूमिन शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकता है, जो गठिया और अस्थमा जैसी स्थितियों के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

अदरक:

अदरक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी मसाला है।
अदरक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी मसाला है।

अदरक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला एक और मसाला है। इसमें जिंजरोल और शोगोल नामक यौगिक होते हैं, जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। अदरक पाचन में सुधार करने और मितली से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है, जिससे यह पाचन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए एक उपयोगी जड़ी बूटी बन जाती है।

दालचीनी:

दालचीनी एक मीठी और मसालेदार जड़ी-बूटी है जो आमतौर पर बेकिंग में इस्तेमाल की जाती है। इसमें ऐसे यौगिक होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हृदय रोग और कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकती है, जिससे यह मधुमेह वाले लोगों के लिए एक उपयोगी मसाला बन जाता है।

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लौंग:

लौंग एक गर्म और सुगंधित मसाला है जो अक्सर हॉलिडे बेकिंग में उपयोग किया जाता है। इनमें यूजेनॉल नामक यौगिक होता है, जिसमें सूजन-रोधी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं। यूजेनॉल में रोगाणुरोधी गुण भी हो सकते हैं, जो संक्रमण से बचाने में मदद कर सकते हैं।

सेज:

सेज एक जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग आमतौर पर खाना पकाने और हर्बल दवाओं में किया जाता है। इसमें रोस्मेरिनिक एसिड और कार्नोसोल नामक यौगिक होते हैं, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ऋषि भी संज्ञानात्मक कार्य और स्मृति में सुधार करने में मदद कर सकता है, जिससे यह वृद्ध वयस्कों के लिए एक उपयोगी जड़ी बूटी बन सकता है।

सौंफ के बीज (सौंफ):

अक्सर कई भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले इन बीजों में एनेथोल, फेनचोन और एस्ट्रैगोल होते हैं जो मांसपेशियों को आराम देने में एंटीस्पास्मोडिक के रूप में कार्य करते हैं। इन बीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो आंतों की मांसपेशियों को भी सिकोड़ते हैं।

जीरा बीज (जीरा):

जीरा के बीजों में वाष्पशील तेलों की संपत्ति जैसे क्यूमिनलडिहाइड, साइमेन और अन्य टेरपेनॉयड यौगिक एंटी-ब्लोटिंग विशेषताओं से भरे होते हैं जो तुरंत गैस और पेट की ऐंठन से राहत प्रदान करते हैं।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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