हॉकी

जूनियर हॉकी टीम की गोलकीपर का परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर

ख़ूशबू ख़ान ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार, आश्वासन की पिलाई गई घुट्टी

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को जोर शोर से चलाया है। उनका सपना 2019 तक भारत को खुले में शौच से मुक्त करने का है। लेकिन पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में दूसरे स्थान पर रही मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की कहानी कुछ और ही बयान कर रही है। भारतीय जूनियर हॉकी टीम की गोलकीपर खुशबू खान की झुग्गी में बना शौचालय तोड़ दिया गया। जिससे उनका परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर है।भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में रहने वाली खुशबू इन दिनों बेहद तनावपूर्ण स्थिति में हैं।

शौचालय टूटने के बाद अब खुशबू के परिवार को झुग्गी तोड़ने की भी धमकियां मिल रही हैं। खुशबू को डर है कि खुले में शौच के बाद उन्हें कहीं खुले आसमान के नीचे गुजर बसर ना करनी पड़े। खुशबू पशु चिकित्सालय के पास एक कमरे के मकान में रहती हैं, जहां उनके साथ कुल 7 लोग रहते हैं। जब वो दिसंबर 2016 और जनवरी 2017 में हॉकी के राष्ट्रीय कैम्प में हिस्सा लेने गईं तो उनकी गैरमौजूदगी में उनका शौचालय तोड़ दिया गया। जिसके बाद आज तक उसकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।


इस पूरे मामले में नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने कोई भी जानकारी होने से इनकार कर दिया, और मामले की जांच का आश्वासन दिया है। साथ ही इस मामले को निपटाने का भरोसा दिया है। खुशबू बताती हैं कि वो इस मसले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक कर चुकी हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

खुशबू का वर्तमान में घर स्टेडियम से सात किलोमीटर दूर है। उन्हें दिन में दो बार पैदल चलकर जाना पड़ता है। एक बार अभ्यास और दूसरी बार एक्सरसाइज के लिए जिम। इस दौरान थकान तो होती ही है साथ ही समय भी नष्ट होता है। इसीलिए उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें तात्या टोपे नगर स्टेडियम के पास ही एक मकान आवंटित कर दिया जाए मगर आश्वासन के अलावा कुछ उनके हाथ नहीं लगा।

खुशबू के पिता जो कि एक ऑटो ड्राइवर हैं कहते हैं कि "बेटी को खिलाडी बनाने का हर सम्भव प्रयास किया लेकिन प्रशासन ने हमें कोई मदद नहीं की साथ ही हमें इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है।''

पूर्व ओलिंपियन और हॉकी प्रशिक्षक अशोक ध्यानचंद ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा ''हर खिलाड़ी को समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। यह केवल मध्यप्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे भारत की स्थिति है। मैंने खुशबू को व्यक्तिगत जोखिम पर लड़कों के साथ अभ्यास करने की अनुमति दी थी''।

क्षेत्रीय सांसद आलोक संजर ने भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की बात ही है।