भारत को बर्मिंघम कॉमनवेल्थ खेलों में न सिर्फ अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक मिले बल्कि कई नए खिलाड़ी भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए अपनी छाप छोड़ गए। 24 साल की श्रीजा ने टेबल टेनिस के महिला सिंगल्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, और फिर मिक्स्ड डबल्स में शरत कमल के साथ गोल्ड जीतने में कामयाब रहीं। श्रीजा की कद-काठी भले ही छोटी हो लेकिन अपने खेल से उन्होंने सभी को काफी प्रभावित किया है।

31 जुलाई 1998 को हैदराबाद में जन्मीं श्रीजा सिर्फ टेबल टेनिस में ही अच्छी नहीं हैं बल्कि स्कूल की भी टॉपर रह चुकी हैं। साल 2017 में श्रीजा ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में 96 फीसदी अंक हासिल किए। और रिजल्ट आने के कुछ ही दिन बाद श्रीजा वर्ल्ड टूर इंडिया ओपन के अंडर-21 वर्ग के क्वार्टरफाइनल में पहुंच गईं थी।
बचपन से ही टेबल टेनिस की तरफ झुकाव रखने वाली श्रीजा ने अपनी बड़ी बहन रवाली को टेबल टेनिस खेलते देखा और उनके कदमों पर चलने लगीं। श्रीजा के कोच पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी सोमनाथ घोष हैं। श्रीजा ने साल 2013 में एल साल्वाडोर में जूनियर खिताब जीता और कैडेट ओपन में भी जूनियर चैंपियन बनीं। श्रीजा छोटी उम्र से ही लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करती आई हैं। उनके प्रदर्शन के कारण ही एशियन टेबल टेनिस यूनियन (ATTU) की ओर से उन्हें विशेष स्कॉलरशिप भी मिली जिसके तहत एशिया के तीन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलती है। श्रीजा के पिता प्रवीण अकुला भी खुद यह गेम खेल चुके हैं।
श्रीजा ने हैदराबाद के बदरुका कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। वह पढ़ाई की इतनी शौकीन थीं कि प्रतियोगिताओं के लिए देश-दुनिया में भले ही कहीं भी जाएं, किताबें साथ ले जाती थीं। पिछले साल ही श्रीजा ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन फाइनल में नहीं जा पाईं और ब्रॉन्ज जीतने में सफल रहीं। श्रीजा मार्च 2021 में भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन की रैंकिंग में नंबर 1 खिलाड़ी भी बन गईं थी।
श्रीजा ने 2022 कॉमनवेल्थ खेलों में मनिका बत्रा के साथ भारतीय महिला चुनौती की नींव रखी। पिछली बार की गोल्ड मेडलिस्ट मनिका के महिला सिंगल्स में जल्दी हारने के बाद श्रीजा सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन हार गईं। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में भी वो संघर्ष करती रहीं और डेढ़ घंटे चले मैच में काफी कम अंतर से ब्रॉन्ज गंवाया। लेकिन श्रीजा ने मिक्स्ड डबल्स में शरत कमल के साथ मिलकर गोल्ड जीता और अब वो खाली हाथ घर वापस नहीं जाएंगी। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए भी पहला मिक्स्ड डबल्स गोल्ड है। हैदराबाद में भी परिवार, दोस्त और फैंस अब उनका इंतजार कर रहे हैं ताकि वापसी पर शानदार स्वागत कर सकें।