ज्वेरेव ने उठाया खेल भावना पर सवाल तो भड़के मेदवेदेव, कहा -' दूसरों पर उंगली उठाने से पहले आईना देखें'

डेनिल मेदवेदेव (बाएं)  ने मोंटे-कार्लो मास्टर्स के तीसरे दौर में ज्वेरेव (दाएं) को मात दी थी।
डेनिल मेदवेदेव (बाएं) ने मोंटे-कार्लो मास्टर्स के तीसरे दौर में ज्वेरेव (दाएं) को मात दी थी।

टेनिस की दुनिया में कोर्ट के अंदर तो कई खिलाड़ियों के बीच खेल की जंग देखने को मिलती रहती है लेकिन रूस के डेनिल मेदवेदेव और जर्मनी के ऐलेग्जेंडर ज्वेरेव के बीच की जंग जुबानी भी होती जा रही है। मोंटे-कार्लो मास्टर्स टूर्नामेंट के तीसरे दौर में दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले में परिणाम के साथ आपसी तल्खी भी देखने को मिली। मेदवेदेव से हारने के बाद ज्वेरेव ने उनकी खेल भावना को खराब बताया था तो पलटवार में मेदवेदेव ने ज्वेरेव की हरकतों पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल फ्रांस में हो रही मोंटे-कार्लो मास्टर्स एटीपी 1000 टूर्नामेंट के तीसरे दौर के मैच में मेदवेदेव ने 3-6, 7-5,7-6 से जीत हासिल की। मैच के दूसरे सेट में एक समय मेदवेदेव 4-5 से पीछे थे और ज्वेरेव मैच जीतने की कगार पर थे। गुस्साए मेदवेदेव ने नेट के पास लगा एक पोल गिरा दिया। यह देखकर ज्वेरेव को उम्मीद थी कि मेदवेदेव को चेतावनी दी जाएगी, लेकिन चेयर अंपायर कार्लोस बर्नान्डेज ने मेदवेदेव को चेतावनी नहीं दी बल्कि मुस्कुरा दिए। कार्लोस के मुताबिक पोल महज गिरा, टूटा नहीं और इसके लिए चेतावनी नहीं दी जा सकती थी। इसके बाद न सिर्फ मेदवेदेव ने मैच प्वाइंट बचाया बल्कि मैच भी अपने नाम किया।

ज्वेरेव मेदवेदेव की हरकत से काफी नाराज थे। मैच के बाद ज्वेरेव ने इस बर्ताव के लिए मेदवेदेव की खेल भावना पर सवाल उठाया और कहा कि मेदवेदेव दुनिया के सबसे अनुचित व्यवहार करने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं।

एक जर्मन चैनल को दिए इंटरव्यू में ज्वेरेव ने कहा कि वह खेल भावना को खुद काफी तवज्जो देते हैं लेकिन मेदवेदेव एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो विरोधी खिलाड़ी के अच्छा खेलने पर उसका ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। ज्वेरेव ने मेदवेदेव के मैच के दौरान बाथरूम ब्रेक लेने पर भी तंज कसा।

जवाब में मेदवेदेव ने पहले तो अपने क्वार्टर-फाइनल मैच में डेनमार्क के होल्गर रूने के खिलाफ हारने पर उन्हें मजाकिया अंदाज में Unfair यानी अनुचित बोलते हुए ज्वेरेव पर तंज कसा। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्वेरेव पर सवाल पूछे जाने पर मेदवेदेव ने कहा कि ज्वेरेव को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद आईना देखना चाहिए।

मेदवेदेव के मुताबिक जब ज्वेरेव कोई मैच हारते हैं तो वह इस तरह की बयानबाजी करते हैं। मेदवेदेव ने माना कि कई बार वह गलती कर जाते हैं और उनका खेल अनुचित हो जाता है लेकिन शाशा (ज्वेरेव) बेवजह के इंटरव्यू देते हैं।

ज्वेरेव और मेदवेदेव दोनों ही अपने गुस्से के लिए काफी मशहूर हैं। ज्वेरेव पिछले साल एक टूर्नामेंट के दौरान चेयर अंपायर पर इस कदर नाराज हुए कि उनकी कुर्सी पर जाकर अपना रैकेट जोर-जोर से दे मारा। वहीं मेदवेदेव अधिकांश मौकों पर चेयर अंपायर से बहस करते दिख जाते हैं। आपस में भी इन दोनों खिलाड़ियों का रिश्ता बेहद खास नहीं है। फिलहाल फैंस इन दोनों के बीच हो रही जुबानी जंग के बारे में सोशल मीडिया पर खूब चर्चा कर रहे हैं। फैंस को इनकी ये जंग इतनी पसंद आ रही है कि वह इन दोनों के और मुकाबलों की मांग करने लगे हैं।

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