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अंपायर से दुर्व्यवहार मामले में ज्वेरेव एक साल के प्रोबेशन पर, फैंस बोले - 'ये कैसी सजा'

ज्वेरेव ने मेक्सिको ओपन के दौरान मैच हारने के बाद अंपायर की चेयर पर जोरदार वार किए थे
ज्वेरेव ने मेक्सिको ओपन के दौरान मैच हारने के बाद अंपायर की चेयर पर जोरदार वार किए थे
Hemlata Pandey

दुनिया के नंबर 3 टेनिस खिलाड़ी जर्मनी के ऐलेग्जेंडर ज्वेरेव की ओर से मेक्सिको ओपन के दौरान चेयर अंपायर से की गई बदतमीजी के मामले में जांच पूरी हो गई है। एटीपी ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर ज्वेरेव को अगले साल 22 फरवरी 2023 तक घटना से एक साल की अवधि तक प्रोबेशन पर रखा गया है। अगर इस पूरी अवधि में ज्वेरेव दोबारा ऐसा कोई बर्ताव कोर्ट पर करते हैं तो उन्हें आठ हफ्तों के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा, और साथ ही 25 हजार अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। हालांकि इस फैसले के बाद कई टेनिस फैंस ने नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि ज्वेरेव को प्रोबेशन की जगह अभी सस्पेंड किया जाना चाहिए था।

Well good luck to all budding umpires in tennis - seems like you have to fight your own battles. ATP had the chance to show that behaviour like Zverev's was unacceptable and they issue a suspended sentence. Mind boggling. #tennis #zverev https://t.co/NsG01e8X7F

क्या है मामला

डबल्स मैच हारने के बाद ज्वेरेव का गुस्सा कुछ ऐसे अंपायर पर फूटा था।
डबल्स मैच हारने के बाद ज्वेरेव का गुस्सा कुछ ऐसे अंपायर पर फूटा था।

दरअसल फरवरी 2022 में विश्व नंबर 3 ज्वेरेव मैक्सिकन ओपन के सिंगल्स और डबल्स में भी भाग ले रहे थे। पुरुष डबल्स के पहले दौर के मैच में ज्वेरेव ब्राजील के अपने जोड़ीदार मार्सेलो मेलो के साथ उतरे। ज्वेरेव-मेलो की जोड़ी का सामना ब्रिटेन के लॉयड ग्लासपूल और फिनलैंड के हारी हेलिवारा से था। तीसरे और निर्णायक सेट में टाइब्रेक के दौरान जब ज्वेरेव-मेलो 6-7 से पीछे चल रहे थे, तब चेयर अंपायर ने लॉयड-हारी के एक रिटर्न शॉट को इन (कोर्ट के अंदर) करार दिया और अंक लॉयड-हारी के पक्ष में गया। ज्वेरेव चेयर अंपायर के इस कॉल से नाराज हुए और अंपायर एलेहांद्रो जर्मानी को इशारा कर समझाने लगे कि गेंद कोर्ट से बाहर गई थी। अपनी बात का असर न होता देख ज्वेरेव ने अंपायर को गुस्से में अपशब्द भी कहे। खेल वापस शुरु हुआ और लॉयड-हारी ने सेट 10-6 से जीतकर मुकाबला 6-2, 4-6, 10-6 से अपने नाम कर लिया। मैच खत्म होते ही ज्वेरेव गुस्से में अंपायर की चेयर के पास गए और उनके पैरों पर हमला करते हुए चेयर को तीन बार रैकेट से मारा। ज्वेरेव की इस हरकत से वहां मौजूद सभी दर्शक और खुद अंपायर भी हैरान हो गए। मैच के बाद एटीपी ने ज्वेरेव को पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उनसे 31 हजार डॉलर की ईनामी राशि छीन ली गई और इस घटना के तुरंत बाद उनपर कुल 40 हजार डॉलर का अतिरिक्त फाइनल लगाया गया था।

फैंस ने बताया नरम फैसला

ज्वेरेव के खिलाफ हुई कार्यवाही में अब तक उनपर केवल 40 हजार डॉलर का फाइन लगा है और एक साल के प्रोबेशन पर डाला गया है। ऐसे में अगर अगले एक साल तक ज्वेरेव ऐसी कोई हरकत नहीं करते तो उन्हें सस्पेंड भी नहीं किया जाएगा। टेनिस फैंस इसी के लिए नाराज हैं। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार एटीपी की आलोचना कर रहे हैं और फैसले को नरम बता रहे हैं। कुछ फैंस का मानना है कि अपना रैकेट गुस्से में जमीन पर तोड़ना और उसे चेयर अंपायर के पैरों के पास गुस्से में मारने में फर्क है और ज्वेरेव की हरकत के लिए उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए था वो भी बिना प्रोबेशन के। कई फैंस इसे सेरेना विलियम्स से जोड़कर भी देख रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सेरेना ने कहा था कि अगर वो इस तरह की हरकत करतीं तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता क्योंकि महिला खिलाड़ियों और पुरुष खिलाड़ियों के लिए टेनिस जगत में दोहरे मापदंड इस्तेमाल होते हैं।


Edited by Prashant Kumar

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