3 टीमें जिनमें शामिल होकर रोमन रेंस का करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है

रोमन रेंस को WWE, कंपनी का टॉप गाए या टॉप बेबीफेस बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन वे इसमें ज्यादा कामयाब नहीं हो सके हैं, हालांकि अब फैंस उनको पहले से ज्यादा पसंद करने लगे हैं। 2015 के बाद से कंपनी रोमन को ठीक तरीके से बुक नहीं कर पाई है और यह परेशानी का सबब बना हुआ है। रोमन के माइक वर्क में काफी सुधार हुआ है, लेकिन वे एक ऐसे रैसलर हैं जो अच्छे मैच प्रदान कर सकते हैं। रैसलमेनिया 33 में अंडरटेकर को हराने के बाद रोमन को हील में परिवर्तित कर देना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रोमन को शील्ड के हिस्सा के तौर पर फैन्स ने हमेशा पसंद किया है। आइए बात करते हैं कुछ फैक्शन की जो रोमन को आगे बढाने में मदद कर सकती हैं।


#1 द शील्ड (फेस)

द शील्ड इस वक्त कम्पनी की सबसे लोकप्रिय फैक्शन (टीम) है। इस फैक्शन में शामिल डीन एम्ब्रोज, सैथ रॉलिंस और रोमन रेन्स ने 2012 में डैब्यू के बाद से ही काफी नाम कमाया है। हालांकि बाद में यह ग्रुप टूट गया, तीनों रैसलर्स सिंगल्स रन में काफी सफल रहे और ग्रैंडस्लैम चैंपियन भी बने। 2017 में यह ग्रुप एक बार फिर से एक हो गया, लेकिन दुर्भाग्यवश डीन एम्ब्रोज चोटिल हो गए। चोट से उभरकर डीन एम्ब्रोज रिंग में जल्द वापसी करने वाले हैं। इनके वापसी के बाद तीनों को एक साथ देखा जा सकता है। इससे रोमन को काफी फायदा होगा।

#2 द समोअन शील्ड (हील)

जिमी उसो, जे उसो और रोमन रेंस तीनों समोआ ब्लडलाइन से ही नहीं आते बल्कि वे चचेरे भाई भी हैं। उसोज ने कई बार टैग टीम चैंपियनशिप जीती है और इस वजह से उन्हे WWE की बेस्ट टैग टीम माना जाता है। तीनों कई बार साथ दिखे हैं लेकिन अब ऐसे करने के लिए या तो रोमन को स्मैकडाउन में शामिल होना पडेगा नहीं तो जिम्मी या जे को रॉ से जुड़ना पड़ेगा। हील के तौर उसोज काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर रोमन भी हील में परिवर्तित हो जाते हैं तो इससे तीनों को फायदा होगा।

#3 द एम्पायर ऑफ पेन (हील)

कल्पना कीजिए द ऑथर्स ऑफ पेन और रोमन रेंस सबकुछ तहस – नहस करने के उद्देश्य से हील में परिवर्तित हो जाते हैं तो क्या होगा? जॉबर्स को स्क्वॉश करने के अलावा ऑथर्स ऑफ पेन ने मेन रोस्टर पर कुछ नहीं किया है। रोमन के साथ हील फैक्शन में शामिल होने से उनका करियर बदल सकता है। रेंस को भी इससे काफी फायदा होगा। तीनों के एक साथ आने के बाद इनको जवाब देने वाला कोई नहीं होगा। लेखक- प्रमीत, अनुवादक- तनिष्क