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5 कारण जिनके दम पर अंडरटेकर MMA में भी कामयाबी हासिल कर सकते थे

सुर्यकांत त्रिपाठी
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प्रोफेशनल रैसलिंग की दुनिया में द अंडरटेकर सबसे बड़े नाम हैं। 1990 से वो कंपनी के सबसे बड़े स्टार हैं। उनकी रैसलमेनिया स्ट्रीक के चर्चे चारों ओर होते हैं। ये बात भी सब जानते है कि अंडरटेकर MMA के प्रसंशक है और 90 दशक के अंत से उन्होंने अपने काम में MMA स्किल्स का उपयोग करने की शुरुआत की है। जिसमें उनकी एक बड़ी मूव है हैल्स गेट। डेडमैन ने कभी MMA रिंग में कदम नहीं रखा। लेकिन अगर वो कभी MMA रिंग में उतरते तो उनकी कामयाबी के 100% चांसेस थे। ये रही ऐसा कहने की पांच वजह: #1 साइज और ताकत

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द अंडरटेकर का साइज विशाल है। हालांकि उनकी कद काठी रैसलिंग में सबसे बड़े रैसलर्स में नहीं गिनी जाती, लेकिन वो 6’10” और 300 पाउंड्स वजनी है। ये एक आम आदमी से बहुत ज्यादा है। यहां पर की वो औसतम MMA फाइटर्स से बड़े हैं। उनकी तुलना में मौजूदा UFC हैवीवेट चैंपियन स्टीपे मिओसिक 6’4” लम्बे और करीब 245 पाउंड वजनी है। सबसे लम्बे UFC फाइटर हैं स्टीफन स्ट्रुवे की लंबाई 6’11” है। वो एकमात्र ऐसे MMA फाइटर हैं जिनके पास अंडरटेकर के खिलाफ ऊंचाई का फायदा है। UFC हैवीवेट ख़िताब जीतनेवाले सबसे बड़े रैसलर हैं टीम सिल्विया जो 6’8” लम्बे और 260 पाउंड्स वजनी है। वीडियो क्लिप में अंडरटेकर और उनके बीच भिंड़त देखी जा सकती है, जहां टेकर को उनकी लंबाई का फायदा हो रहा है। MMA में केवल लंबाई से फायदा नहीं होता। अंडरटेकर में ताकत भी है। वो केन, बतिस्ता और ब्रॉक लैसनर जैसे रैसलर्स को आसानी से उठाकर बाहर फेंक सकते हैं। MMA में हैवीवेट होने के लिए कम से कम 265 पाउंड वजन होना चाहिए। इसमें अंडरटेकर आसानी से फिट बैठते। इस साइज और ताकत के साथ द अंडरटेकर आसानी से UFC हैवीवेट चैंपियन बन जाते। #2 द अंडरटेकर काफी लोकप्रिय रैसलर हैं

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WWE में इतने लम्बे समय से काम करने के कारण द अंडरटेकर की लोकप्रियता सातवें आसमान पर है। लेकिन अगर वो 90 दशक के अंत में या फिर 2000 के शुरुआत में MMA का हिस्सा बनते तब भी उनकी लोकप्रियता काफी होती। टेकर के 'अमेरिकन बैडएस' गिम्मिक के दौरान उन्हें UFC फाइट में दर्शक के रूप में देखा जाता था और तब उन्हें सेलिब्रिटी फैन कहा जाता था। जहां कोनोर मैकग्रेगर जैसे रैसलर्स WWE की आलोचना करते हैं, वहीँ रैमपेज जैक्सन और किंग मो लवाल जैसे फाइटर्स ने WWE की तारीफ करते हुए कहा, की कैसे इससे उनकी ज़िंदगी बदली। ये रहा UFC 42 का बैकस्टेज क्लिप जिसमें द फिनम विजेता मैट हग्स के साथ आराम कर रहे हैं। यहां पर मैट हग्स टीम मिलेटिच का हिस्सा हैं और शॉन शेरक के खिलाफ उन्होंने अपना ख़िताब बचाया। इससे साफ ज़ाहिर है कि MMA में भी WWE के लेजेंड का सम्मान किया जाता है। इसलिए उन्हें MMA में करियर करने में कोई परेशनी नहीं होती। #3 वो कठोर हैं

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य3 बात सभी जानते है कि MMA फाइटर्स को रिंग के अंदर और रिंग के बाहर बहुत चोटें लगती हैं। इसका उदाहरण है UFC 66 पर टीटो ऑर्टिज़ बनाम चक लिडेल जहां पर MCL टूटा। फिर UFC 100 पर जार्ज सेंट पियरे को लगी चोट। हालांकि किरदार ताकतवर होता है, लेकिन उसके पीछे एक इंसान है और उसे चोट लग सकती है। लेकिन शुक्र है कि द अंडरटेकर एक कठोर रैसलर हैं और चोटों से अंजान नहीं हैं। साल 1995 में द फिनम को एक गहरी चोट लगी थी। उस समय आराम करने के बदले द अंडरटेकर ओपेरा स्टाइल के फैंटम सुरक्षा मास्क पहनकर काम पर लौट गए। साल 1998 में किंग ऑफ द रिंग के हैपी इन ए शैल पर उनका सामना मैनकाइंड से हुआ, जहां पर उनका एंकेल टुटा। रैसलमेनिया 30 पर ब्रॉक लैसनर के खिलाफ मैच में भी वो बहुत चोटिल हुए थे। पीठ पर लगी गहरी चोट के बावजूद वो एलिमिनेशन चैम्बर का हिस्सा बने। वहीं आजकल के UFC फाइटर्स स्वास्थ बिमा करवा कर रिंग में उतरते हैं। जहां उन्हें थोड़ा खतरा महसूस होता है वो रिंग से बाहर हो जाते हैं। अंडरटेकर के पास चोटों से लड़ने का बड़ा इतिहास है। ऐसे में उन्हें UFC के ऑक्टगों में कामयाब होने से कौन रोकेगा? #4 वो सीखने के लिए तैयार हैं

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90 के दशक में जब द अंडरटेकर ने WWF में डेब्यू किया तब उनका किरदार एक ज़ोंबी का था। जिसका मतलब वो रिंग में धीमे थे, उनकी मूव्स का सभी को पता था। फिर जैसे जैसे उनके किरदार में बढ़ोतरी हुई और वो इंसान बने, वैसे वैसे उन्होंने अपने आप में सुधार किये। उनमें तेज़ी आई, वो क्लासिक मैच करने लगे। ब्रेट हार्ट और शॉन माइकल्स जैसे तकनीकी रैसलर बन गए। 90 वे दशक के अंत तक टेकर को काफी चोटें लगने लगी तब उन्होंने अपना स्टाइल बदला और केवल पावरफूल शॉट्स पर अपना ध्यान केंद्रित किया। फिर 2000 में MMA की बढ़त हुई और टेकर की रैसलिंग स्किल में उसकी झलक देखने मिलने लगी। उनके स्किल में असलियत झलकती थी। इन सभी चीजों से एक बात साफ़ होती है, की द अंडरटेकर हमेशा लड़ने के लिये तैयार रहे हैं। समय के साथ साथ उन्होंने अपने स्किल और मूव्स में बदलाव किया। इस चीज़ की MMA रिंग में सख्त जरूरत होती है। #5 उनका करैक्टर और करिज़्मा

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हमने अबतक द अंडरटेकर की शारीरिक क्षमताओं पर बात की है, लेकिन अब हम उनके करैक्टर के बारे में बात करेंगे। अपने रैसलिंग स्किल के साथ साथ द अंडरटेकर ने अपने किरदार में भी समय के साथ साथ बदलाव किया है। उन्होंने शुरुआत ज़ोंबी रूप से की, फिर 90 के मध्य में वो सुपरनेचुरल हीरो बने, 90 के अंत में वो सैटेनिक कल्ट लीडर बने, 2000 के शुरू में वो एक बैडएस बाइकर थे फिर 2000 के मध्य में उनके रैसलिंग में MMA की झलक दिखने लगी। आज वो एक दिग्गज रैसलर का किरदार में हैं। जिनपर उम्र हावी है लेकिन फिर भी वो आज के रैसलर्स को कड़ी टक्कर देने में सक्षम है। इन सभी बदलावों के बीच अंडरटेकर का करिज़्मा बना रहा। अपने अनोखें रूप से वो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब हुए। चाहें वो हील हों या बेबीफेस उन्हें हमेशा दर्शकों से प्रतिक्रिया मिली है। आज MMA को भी एक मनोरंजक स्पोर्ट समझा जाता है। ऐसे में फाइटिंग स्किल कम होने के बाद भी वहां पर द अंडरटेकर की कामयाबी ज़रूर होती। अगर द डेडमैन UFC के ऑक्टगों में उतरते तो UFC के दर्शकों की संख्या कितनी होती, क्या आप इस बात का अंदाजा लगा सकतें हैं ? लेखक: स्कॉट न्यूमैन, अनुवादक: सूर्यकांत त्रिपाठी

Edited by Staff Editor
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