Create
Notifications

WWE में आने से पहले एजे स्टाइल्स के 5 बेहतरीन मैच

सुर्यकांत त्रिपाठी

ऐजे स्टाइल्स WWE रॉस्टर के टॉप रैसलर हैं। वें एक अनुभवी दिग्गज हैं और दुनिया भर में रैस्लिंग कर के उन्होंने अपना नाम बनाया है। रैसलर्स अक्सर अपनी शुरुआत इंडिपेंडेंट सर्किट से करते हैं। वें किंग ऑफ़ ऑनर और न्यू जापान प्रो रैस्लिंग जैसे टूर्नामेंट में भाग लेते हैं। ऐजे स्टाइल्स जैसे रैसलर वहां अपनी छाप छोड़ जाते हैं। अभी WWE में क्रिस जेरिको के साथ उनका अच्छा फिउड चल रहा है। इंडीज़ में काम करते हुए उनका मुकाबला कई प्रतिभाशाली रैसलर्स से हुआ। उनमें से कई आज प्रो रैस्लिंग के बड़े नाम हैं। ये रहे ऐजे स्टाइल्स के इंडीज़ में हुए कुछ मुख्य मुकाबले:

#1 क्रिस्टोफर डेनियल्स

danielsvsstyles-1460645903-800

क्रिस्टोफर डेनियल्स, ऐजे स्टाइल्स के अबतक के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी हैं। दोनों असल ज़िन्दगी में दोस्त हैं और रिंग में साथ साथ कई मुकाबले किये हैं। अक्टूबर 2001, में हुए किंग ऑफ़ इंडीज़ टूर्नामेंट के ऑल प्रो रैस्लिंग में पहली बार दोनों का आमना सामना हुआ। क्वार्टर फाइनल में ऐजे स्टाइल्स की क्रिस्टोफर डेनियल्स के हातों हार मिली। उसके बाद दोनों का सामना जून 2002 में रिंग ऑफ़ ऑनर टूर्नामेंट में हुआ। खिताबी मैच के दूसरे राउंड में वापस डेनियल्स ने ऐजे स्टाइल्स को हरा दिया। इनका मुकाबला मैक्सिम प्रो रैस्लिंग, जर्सी ऑल प्रो रैस्लिंग, आयरिश व्हिप रैस्लिंग और कई जगह दोनों के मुकाबले हुए। इंडिपेंडेंट एरीना की ये सबसे बड़े मुकाबलों में से एक रही है। क्रिस्टोफर डेनियल्स और ऐजे स्टाइल्स ने मिकलर कई बेहतरीन मुकाबले दिए हैं। वो दिन दूर नहीं जब WWE के दर्शक क्रिस्टोफर डेनियल्स को ऐजे के खिलाफ WWE के रिंग में लड़ते देखना चाहेंगे। हालांकि उन्होंने अभी रिंग ऑफ़ ऑनर के साथ करार किया है। फन फैक्ट: 2006 में दोनों को PWI टैग टीम ऑफ द ईयर का पुरुस्कार भी मिल चूका है।

#2 जिमी रेव

jimmy-rave-1460646104-800

रिंग ऑफ़ ऑनर में ऐजे स्टाइल्स और जिमी रेव की फिउड इंडिपेंडेंट सर्किट की यादगार फिउड में से एक है। रिंग ऑफ़ ऑनर में दोनों का कई बार मुकाबला हुआ। जिमी रेव ने अपनी शुरुआत ऐजे स्टाइल्स के नीचे रहते हुई कि, लेकिन वें मैच जीतने में असफल रहे और फिर निकाल दिए गए। बाद में उन्होंने वापसी की और "क्राउन ज्वेल ऑफ़ एम्बेसी" कहलाने लगे। सेकंड एनिवर्सरी शो टूर्नामेंट में उनका पहला मुकाबला हुआ ऐजे स्टाइल्स से और वहां से वें पक्के रैस्लिंग चैंपियन बने। वें टूर्नामेंट भी जीते लेकिन फिर उन्हें ख़िताब छोड़ना पड़ा। ROH के मालिक का विवादास्पद मामलों में शामिल होने के चलते TNA ने उनसे अपना करार तोड़ दिया। जिमी रेव पर आरोप थे कि वें दूसरों के फिनिशिंग मूव इस्तेमाल किया करते थे। उनकी मूव रेव क्लैश स्टाइल्स क्लैश की तरह थी। लेकिन फिर भी उन्होंने दावा किया कि ये उनकी मूव है। एक रात स्टाइल्स उनसे मुकाबला करने लौटे लेकिन वें मैच हार गए। मैच जीतने के लिए रेव ने उनपर एयर फ्रेश्नर का इस्तेमाल किया। स्टाइल्स ने कुछ महीनों बाद दोबारा वापसी की और दोनों के बीच फिउड चला। फिर वें जनरेशन नेक्स्ट से जुड़ गए जहाँ पर फिउड आगे बढ़ा।

#3 सीएम पंक

cmpunk-1459557204-800

आज इंडीज़ में काम करनेवाले सबसे लोकप्रिय रैसलर हैं, सीएम पंक। इसलिए स्टाइल्स और पंक का सामना इंडिपेंडेंट सर्किट में हो चूका है। दोनों का सामना पहली बार इंटरनेशनल रैस्लिंग कार्टेल ट्रिपल थ्रेट मैच में हुआ जहाँ तीसरे रैसलर क्रिस्टोफर डेनियल्स थे। उसके बाद रिंग ऑफ़ ऑनर में दोनों दो बार और इंटरनेशनल रैस्लिंग एसोसिएशन में एक बार भिड़े।

#4 काज़ूचिक ओकाडा

kazuchika-okada-640x370-1460646647-800

न्यू जापान प्रो रैस्लिंग में ऐजे स्टाइल्स के सबसे बड़े विरोधी थे, काज़ूचिक ओकाडा। प्रिंस डेविट (फिन बैलॉर) बुलेट क्लब के लीडर के जाने के बाद, ऐजे हील बने और काज़ूचिक ओकाडा से मुकाबला करने लगे। अपनी प्रतिभा के कारण काज़ूचिक ओकाडा, न्यू जापान प्रो रैस्लिंग में काफी प्रसिद्ध थे। ओकाडा ने न्यू जापान प्रो रैस्लिंग में कई बार और दो बार रिंग ऑफ़ ऑनर में मुकाबले किये हैं। ये मुकाबले यादगार रहे हैं। ओकाडा ऐजे स्टाइल्स के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी रहेंगे।

#5 सामोआ जो

सामोआ जो

सामोआ जो आज के सबसे ज्यादा माने जाने वाले रैसलर हैं। सामोआ सबमिशन मशीन और फेनॉमिनल वन का मुकाबला कई बार हो चूका है। रिंग ऑफ़ ऑनर के टाइटल मैच के दावेदार के लिए दोनों का पहली बार मुकाबला फ़ोर कार्नर सर्वाइवल मैच में हुआ। दोनों प्रो रैस्लिंग गुरिल्ला, इंडिपेंडेंट रैस्लिंग एसोसिएशन में प्रोमो करने के बाद, टोटल नॉन-स्टॉप एक्शन में पहुंचे और फिर नवंबर 2007 तक इंडी प्रमोशन में दिखे। फिर नार्थईस्ट रैस्लिंग रिंग में दोनों का सामना हुआ। लेखक: वैभव शर्मा, अनुवादक: सूर्यकांत त्रिपाठी

Edited by Staff Editor

Comments

Fetching more content...