WWE Raw, 19 जून 2018: शो में हुई तीन बड़ी गलतियां

मनी इन द बैंक पीपीवी के बाद मंडे नाइट रॉ को लेकर काफी सुर्खियां बन रही थी। सबसे ज्यादा फोकस एलेक्सा ब्लिस पर था क्योंकि वो पहली महिला रैसलर थी जिन्होंने ब्रीफ़केस जीतने वाले दिन ही उसे कैश इन कर दिया।

दोनों ब्रीफ़केस रॉ ब्रैंड्स के स्टार ने जीता और एक्सट्रीम रूल्स पीपीवी के लिए बिल्ड अप शुरू हो चुका है। लेकिन हर शो की तरह यहां भी हमे कुछ गलतियां देखने मिली।

ये रही मंडे नाइट रॉ में हुई 3 गलतियां।


#3 कर्ट एंगल की जुबान लड़खड़ाई

कर्ट एंगल इस हफ्ते के शो के ओपनिंग सैगमेंट का हिस्सा थे और उसमें एलेक्सा ब्लिस और रोंडा राउज़ी के बीच हाथापाई देखने मिली। मनी इन द बैंक पीपीवी में एलेक्सा ब्लिस के कारण रोंडा ब्रीफ़केस जीतते-जीतते रह गयी थी। इस सैगमेंट में रोंडा ने कर्ट एंगल और मैच ऑफिशियल पर भी हमला कर दिया।

जिसके बाद बैकस्टेज हुए सैगमेंट में एंगल ने रोंडा को 30 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। इस घटना से हैरान हुए कर्ट एंगल ने रोंडा से कहा कि अगर उनकी हरकतें ऐसी ही रही तो वो कभी वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाएंगी। जिसे फिर सुधारते हुए उन्होंने कहा कि वो रॉ विमेंस चैंपियन नहीं बन पाएंगी।

वहीं जिस अंदाज में एलेक्सा ब्लिस ने रोंडा के हाथों ब्रीफ़केस से मार खाई, वैसे कर्ट नहीं कर पाएं। शो की शुरुआत बेहद फीकी रही।

#2 बॉबी लैश्ले भूल गए वो किससे बात कर रहे हैं

कर्ट एंगल ने इस सैगमेंट की शुरुआत करते हुए एक बड़ी घोषणा करने जा रहे थे। शायद वो बताने वाले थे कि ब्रॉक लैसनर की वापसी कब होगी लेकिन तभी वहां रोमन रेंस ने आकर दखल दे दिया।

रोमन रेंस ने कहा कि ब्रॉक लैसनर के खिलाफ लड़ने का पहला हक़ उन्हें मिलना चाहिए। लेकिन फिर ये सैगमेंट आगे बढ़ता उसमे बॉबी लैश्ले भी आ गए। आते साथ ही लैश्ले ने ढेरों गलतियां की। उन्होंने रोमन से कहा कि वो रोमन रेंस को हराने के लिए तीन साल से तैयारी कर रहे थे, फिर उन्होंने अपनी गलती सुधारी।

#1 डैश वाइलडर ने अपने पार्टनर पर ही हमला कर दिया

NXT में द रिवाइवल सबसे अच्छी टैग टीम थी लेकिन मुख्य रोस्टर में आने के बाद से डैश वाइलडर और स्कॉट डॉसन को वो मौके नहीं मिले जो उन्हें मिलना चाहिए।

इस हफ्ते डैश वाइलडर और स्कॉट डॉसन का सामना रोमन रेंस और बॉबी लैश्ले से टैग टीम मैच में हुआ। मैच के बीच मे डैश आयरिश वीप में फंसे हुए थे और एप्रन पर डॉसन थे जो वाइल्डर के कारण रोप्स से गिर गए।

लेखक: फिलिपा मारी, अनुवादक: सुर्यकांत त्रिपाठी