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द खली ने अपनी बायोग्राफी में जिंदगी और बचपन से जुड़ी जानकारी दी

SENIOR ANALYST
Modified 20 Dec 2019, 18:09 IST

हाल ही में  ‘The Man Who Became Khali’ नाम की ऑटोबायोग्राफी खली ने लेखक विनीत के. बंसल के साथ मिलकर लिखी है। इस किताब को पैंगुइन पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। जिसमें द ग्रेट खली की जिंदगी से जुड़े कई राज़ खोले गए हैं। किताब में उनके भारी भरकम शरीर और बाद में जाकर WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीतने के बारे में भी जिक्र मिलेगा।इस इंटरव्यू में हमे उनके बचपन के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त हुयी:

खली का बचपन

द ग्रेट खली के नाम से दुनिया भर में मशहूर दलीप सिंह राणा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बताया कि किस कारण की वजह से उन्हें स्कूल बीच में ही छोड़ना पड़ा और 8 साल की छोटी सी उम्र में काम करना पड़ा। खली के माता-पिता उनके स्कूल की ढाई रूपये की फीस देने में सक्षम नहीं थे। इस कारण की वजह से उन्हें 5 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से काम करने को मजबूर होना पड़ा।



7 फुठ 8 इंच के इस रैसलर ने अपनी बायोग्राफी में लिखा, "1979 की गर्मियों की बात है, तब सभी मॉनसून का इंतजार कर रहे थे। फसल खराब होने की वजह से घर में पैसे नहीं थे। मुझे सेकेंड क्लास में जाए हुए तकरीबन 1 महीना बीत गया था। प्रिंसिपल मुझे फीस नहीं भर पाने की वजह से सुनाया करते थे। फिर एक दिन, मेरी टीचर ने पूरी क्लास के सामने मुझे गाली दी। क्लास के दूसरे बच्चों ने मेरा बहुत मजाक उड़ाया। उसके बाद मेरा स्कूल और पढ़ाई हमेशा की वजह से छुट गई। मेरा दिमाग सिर्फ काम करने और अपने परिवार को सपोर्ट करने में लग गया"।

खली ने गरीबी को अपने रास्ते का रोड़ा नहीं बनने दिया और दृढ़ इच्छाशक्ति की वजह से जिंदगी में कामयाबी हासिल की। खली 8 साल की उम्र में खेत में काम करने लग गए गए थे। लेकिन खेत में काम करने के लिए काफी स्टैमिना और ताकत की जरूरत होती है, ऐसे में खली उस काम के लिए नहीं बने थे। उसके बाद खली ने फोरेस्ट डिपार्टमेंट में काम किया।

"एक दिन जब मैं अपने पिताजी के साथ था, तब मुंशी जी ने आकर मेरे पिताजी को गांव में ही खेत में काम करने की जॉब के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी को दिन के हिसाब से 5 रूपये मिलेंगे। जैसे ही मैंने ये सुना, मैं काफी खुश हुआ। मेरे लिए 5 रूपये की रकम काफी बड़ी थी। मुझे याद आया कि कुछ दिन पहले हमारे पास स्कूल की फीस देने के लिए ढाई रूपये भी नहीं थे। ऐसे में 5 रूपये काफी ज्यादा थे, इस कारण मैं मेहनत करने की तरफ मॉटीवेट हुआ"।

खली ने बताया कि उनकी पहली जॉब एक बिजनेसमैन के बॉडी गार्ड की थी, जिनके शिमला में काफी सारे रेस्टोरेंट्स थे। खली को उस समय 1500 रूपये महीना सैलरी और उसके साथ-साथ खाना पीना मिलता था।

खली की ऑटोबायोग्राफी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है।

खली का खाना और डाइट

भारत के महान प्रोफेशनल रैसलर द ग्रेट खली के खाने-पीने की मात्रा काफी ज्यादा है। खली की लंबाई 7 फुट, 1 इंच है और वजन करीब 150 किलो है। जाहिर सी बात है कि इतने बड़े शरीर के लिए काफी मात्रा में खुराक की जरुरत पड़ती होगी। पूर्व WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन ने एक बार बताया था कि वो हर रोज़ करीब आधा किलो ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू, किशमिश, छुआरे), 3 किलो चिकन, 30 के करीब रोटियां और 5 किलो दूध पीते हैं। दरअसल इन सबको खाने-पीने के पीछे मकसद होता है कि शरीर को सारे पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है, जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, कैल्शियम और बाकी मिनरल्स महत्वपूर्ण हैं।

Published 26 Jul 2018, 18:03 IST
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