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WWE अफवाह: विंस मैकमैहन ने UFC कमेंटेटर को रिश्वत देने की कोशिश की

सुर्यकांत त्रिपाठी

UFC एक कॉम्बैट स्पोर्ट है और WWE एक स्क्रिप्टिड एथेलेटिक स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट, लेकिन इन दोनों के बीच हमेशा तुलना होती है। और भले ही वे इसे माने या न माने दोनों एक दूसरे को अपना विरोधी नहीं समझती। लेकिन एक बात तो है, UFC का मॉडल WWE के बाद है। जैसे-जैसे आप आगे पढ़ते जाएंगे, वैसे-वैसे आपको और मालूम होगा। UFC पहले मल्टी-बिलियन कंपनी नहीं थी। यहाँ तक पहुंचने में उन्हें काफी समय लगा। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि WWE के ज्यादातर दर्शक UFC की ओर मुड़ चुके हैं, क्योंकि उन्हें फाइटिंग में सच्चाई चाहिए। UFC के दिग्गज, चैल सोनैन ने इस विषय पर बात की और एक कमाल की कहानी सुनाई। शुक्रवार को सोनैन के पोडकास्ट "यूआर वेलकम" का नया एपिसोड सामने आया और उसमें UFC के प्रेसिडेंट डैना वाइट और WWE के विंस मैकमैहन के बीच चल रही लड़ाई का जिक्र किया। उस समय UFC स्पाइक टीवी पर दिखाया जाता था। “डैना वाइट को विंस पसंद हैं। वे उनके प्रसंशक हैं। भले ही वे ऐसा सभी के सामने नहीं कहते। वे बस इतना कहेंगे कि, "मैं उनका बड़ा सम्मान करता हूँ।" और यहीं पर वें चुप हो जाएंगे। लेकिन वे इस बात को ज़रूर मानेंगे कि UFC ने WWE के मॉडल की नकल की है। इसी तरह रॉयल्टी का काम होता है, लॉकर रूम के बोनस दिए जाते हैं और इसी तरह बातचीत होती है। जिस तरह से इसका काम है वो WWE के मॉडल से काफी हद तक मिलता है। लोरेंजो फर्टिटा ने सामने आकर यहाँ तक कहा, "हमने यांकी से लेकर सभी तक को देखा है और हमने WWE के मॉडल बनाने का निश्चय किया।" सौनेन ने कहा, “ये कमाल की कहानी है। ये MMA की सबसे अच्छी कहानी है और अबतक किसी से कही नहीं गयी, मैं इसे आज सुनाऊंगा। तो कहानी ऐसे शुरू होती है," “साल 2005 में UFC काफी दबाव में थेऔर ऐसा लग रहा था कि वे अपनी दुकान बंद कर देंगे। वे $40 मिलियन के बोझ तले दबे हुए थे। "अल्टीमेट फाइटर" सामने आए और वहाँ से परिस्तिथियाँ बदली। “जब "द अल्टीमेट फाइटर" आएं तब वे स्पाइक टीवी पर आए। स्पाइक टीवी पर शो सोमवार रात को आता था, ठीक मंडे नाइट रॉ के बाद। इसके बाद डैना को विंस ने फ़ोन किया और विंस को समस्या ये थी कि वें रॉ के बीच "डी अल्टीमेट फाइटर" का विज्ञापन कर रहे हैं। विंस ने डैना को अकेले में कहा, 'लोग मेरे लिखा गया शो क्यों देखेंगे, जब इसके खत्म होने के तुरंत बाद ही आपका असली शो देखने मिले। मेरे दर्शकों को गुमराह करना बंद कीजिए।" डैना ने इसका करारा जवाब दिया, "विंस मैं स्पाइक पर हूँ और तुम स्पाइक पर हो। स्पाइक किसकी मार्केटिंग करें और किसका विज्ञापन करें इसमें मेरे कोई हाथ नहीं हैं। विंस ने वापस डैना से कहा, "दोबारा अपने शो का विज्ञापन मेरे शो पर न करना।" “अब डैना ने शांति से जवाब दिया, "आप गलत इंसान से शिकायत कर रहे हैं।" चलिए ठीक हैं, अगले हिस्से की ओर बढ़ते हैं। माइक गोल्डबर्ग UFC के अनाउंसर हैं। वें केवल अनाउंस करते हैं। सच कहूं तो उनकी जगह कोई भी ले सकता है। मेरे मतलब है कि आप अनाउंसर को बदल सकते हैं। उस समय वे केवल साल ने 4 या 5 शो किया करते थे। लेकिन माइक गोल्डबर्ग का कहीं को और जाना कोई आम बात नहीं थी। “उस रात मैं डेब्यू करनेवाला था। मेरा मुकाबला हैवीवेट चैंपियनशिप के लिए मेरा सामना आंद्रेई अर्लोव्स्की से होना था। आंद्रेई अर्लोव्स्की शो के चेहरे थे क्योंकि उस समय तक रैंडी कूचर सन्यास ले चुके थे और टोनी ऑर्टिज़ का कोई बड़ा मुकाबला था। आंद्रेई अर्लोव्स्की नए चेहरे थे। सभी टिकट्स बिक रहे थे। वें सबकुछ कर रहे थे। उन्हें शो के लिए $18,000 और जीतने पर $18,000 मिल रहे थे। उस समय को स्पॉन्सर्स नहीं थे। उस समय तो बिल्कुल "फाइट ऑफ़ द नाईट" नहीं हुआ करती थी ना ही कोई बैकडोर, पे-पर-व्यू बोनस कुछ नहीं होती थी। इसलिए उनके सामने जीतने पर 18 और मैच के लिए 18 थे। ये बिल्कुल सच्ची कहानी है"। “उस समय विंस मैकमैहन ने माइक गोल्डबर्ग से बात की और उनसे कहा, "शुक्रवार को शो न करने के लिए मैं तुम्हें सौ हज़ार डॉलर दूंगा। इसलिए गोल्डबर्ग किसी को कुछ नहीं बताते, शो पर नहीं आते और इसकी जानकारी किसी को नहीं होती। उन्हें अब बिना अनाउंसर के आगे बढ़ना था। इसके बाद गोल्डबर्ग ने सबसे पहले डैना को कॉल किया। इसपर विंस ने कहा, "ये कॉल कभी हुआ ही नहीं और इसके लिए मैं तुम्हे पैसे भेज दूंगा।" गोल्डबर्ग ने डैना को कॉल कर के ये सब बात बता दी। “डैना ने तुरंत गोल्डबर्ग को नया करार ही नहीं दिया बल्कि उन्होंने सोचा 'उनका अनाउंसर जिसे बदला भी जा सकता है, उसके लिए विंस $100,000 की राशि चुकाने के लिए तैयार हैं। वहीँ डैना अपने मुख्य ईवेंट के खिलाडी को 18 और 18 दे रहे हैं। यहाँ पर समस्या है। इस स्तर की सोच और बिज़नस स्ट्रेटेजी के लिए मैं अभी तैयार नहीं हूँ।' डैना वाइट अभी 45 के हैं। लेकिन 2005 में वे युवा थे। वें 32 या 33 के होंगे और ये समझ रहे थे की बिज़नस कैसे बढ़ेगा और उन्हें पता चला की ये मुश्किल है। इस स्तर की सोच से अभी उनका मुकाबला नहीं हुआ था। “वहां पर गोल्डबर्ग भी रुके, बिज़नस में भी बदलाव हुआ। "द अल्टीमेट फाइटर" सोमवार की जगह बुधवार को दिखाएं जाने लगे। “ये MMA की सबसे उम्दा कहानी है और अबतक किसी से नहीं कही गयी।" लेखक: रोहित नाथ, अनुवादक: सूर्यकांत त्रिपाठी


Edited by Staff Editor

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