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साल 2017 में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत द्वारा तोड़े गए 5 कीर्तिमान

ऋषि

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्रीकांत किदाम्बी इस साल जबरदस्त खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं। टखने में चोट की वजह से पिछले साल ज्यादातर समय कोर्ट से दूर रहने वाले श्रीकांत ने वापसी के बाद धीरे-धीरे आत्मविश्वास हासिल किया और अब जितने ज्यादा दबाव होता है वो उतना ही निखर कर आते हैं।

यह श्रीकांत का वह रूप है जो पिछले कुछ सालों से बिल्कुल अलग है जहाँ उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी होती थी। इंडोनेशियाई कोच मुल्यो हैंडोयो और पुलेला गोपीचंद का भी श्रीकांत के इस प्रदर्शन में खास योगदान है। श्रीकांत ने अपने प्रदर्शन से साल 2017 में कीर्तिमानों की झड़ी लगा दी है।

आईये आज हम आपको श्रीकांत के कुछ ऐसे की कीर्तिमान के बारे में बताएंगे जिसे उन्हीने इस साल बनाया है

शीर्ष 10 खिलाड़ियों में विक्टर एक्सेलसेन को अंतिम मुकाबले में हराने वाले एकमात्र खिलाड़ी

डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन दिन प्रतिदिन बेहतर खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अगस्त में अपना पहला विश्व चैंपियनशिप भी जीता लेकिन वह यही रुकने वाले नहीं थे। उसके बाद विक्टर ने जापान ओपन भी अपने नाम किया।

श्रीकांत ने विक्टर के 13 मैचों से चल रहे जीत के सिलसिले को डेनमार्क ओपन के क्वार्टर-फाइनल में तोड़ दिया वो भी मैच में 14-21, 22-20, 21-7 से पिछड़ने के बाद। इसके साथ ही विश्व के शीर्ष-10 खिलाड़ियों में श्रीकांत ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है जिसने विक्टर को अंतिम मुकाबले में हराया हो।

शीर्ष 10 के 7 खिलाड़ियों को विक्टर के साथ खेले अपने अंतिम मैच में हार का मुंह देखना पड़ा है। जिसमें ली चोंग वे, चेन लौंग, लीन डैन, सों वैन हो, तियान हॉयवे, चाऊ टीएं चेन और लॉन्ग अंगुस शामिल हैं जबकि नंबर 4 रैंक वाले शी युकी तो विक्टर को कभी हरा ही नहीं पायें हैं।लगातार दो सुपर सीरीज जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी

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जून के महीना श्रीकांत के लिए काफी खास था। उस समय उन्होंने लगातार दो सप्ताह में उन्होंने इंडोनेशिया ओपन सुपरसीरीज प्रीमियर और ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपरसीरीज अपने नाम किया था। दो सप्ताह में इस दो जीत से श्रीकांत के आत्मबल और ऊर्जा का पता चलता है।

इन दोनों जीत के साथ ही श्रीकांत लगातार दो सुपरसीरीज पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी भी बन गए और ऑस्ट्रेलिया ओपन जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी भी बन गए।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ओपन के फाइनल में कदम रखते ही श्रीकांत लगातार तीन सुपरसीरीज फाइनल खेलने वाले पहले भारतीय और दुनिया के सिर्फ छठवें खिलाड़ी बन गए। शुरुआत में वह सिंगापुर सुपरसीरीज के फाइनल में भी पहुँचे थे जहां उन्हें साई प्रनीत के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।दुबई वर्ल्ड सुपरसीरीज में स्थान के दौड़ में सबसे ऊपर पहुंचे

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इंडोनेशिया सुपरसीरीज और ऑस्ट्रेलिया सुपरसीरीज की लगातार दो जीत की मदद से श्रीकांत वर्ल्ड सुपरसीरीज डेस्टिनेशन दुबई रैंकिंग में ही पहले स्थान पर पहुंच गए थे। यह रैंकिंग पूरे साल में होने वाले 12 सुपरसीरीज में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जारी होती है और इसमें से शीर्ष 8 खिलाड़ी सुपरसीरीज फाइनल्स में हिस्सा लेते हैं।

इंडोनेशिया ओपन सुपरसीरीज प्रीमियर जीतने के बाद श्रीकांत 12 स्थान की लंबी छलांग लगाकर चाइनीज ताइपे के चाऊ टीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गए थे और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ओपन में 9200 अंक हासिल कर वह पहले स्थान पर पहुंच गए।प्राइज मनी में भी अव्वल

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श्रीकांत के प्रदर्शन ने ना सिर्फ उनकी रैंकिंग बढ़ाने में मदद की बल्कि उनका बैंक बैलेंस भी आसमान छूने लगा है। दो बड़े सुपरसीरीज जीतने के बाद जून के अंत मे उनकी कुल प्राइज मनी 147,847.50 अमेरिकी डॉलर हो गयी, जो 2017 में किसी भी बैडमिंटन खिलाड़ी की सबसे ज्यादा थी।

इस दौड़ में श्रीकांत ने महिला विश्व की नंबर 1 खिलाड़ी ताई तज़ु यिंग को भी पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 3 सुपरसीरीज और एशियाई चैंपियनशिप भी जीता है।

उसके बाद से श्रीकांत ने शीर्ष क्रम बरकरार रखा है और अक्टूबर के पहले सप्ताह में आयी सूची में भी वो 149,797,50 अमेरिकी डॉलर के पहले स्थान पर जमे हुए हैं।एक साल में 4 सुपरसीरीज फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय

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डेनमार्क सुपरसीरीज के सेमीफाइनल में विश्व के 15वें स्थान के खिलाड़ी वांग विंग की विसेंट को 21-18, 21-17 से हराकर श्रीकांत ने एक और कीर्तमान अपने नाम कर लिया। वह एक साल में 4 सुपरसीरीज फाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गए। साल के अपने पहले सुपरसीरीज फाइनल सिंगापुर ओपन में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन उनके बाद उन्होंने लगातार इंडोनेशिया ओपन और ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपरसीरीज अपने नाम कर लिया।

यह एक ऐसा कीर्तिमान है जिसे भारत की सबसे सफल खिलाड़ी सायना नेहवाल भी हासिल नहीं कर पाई है। सायना दो मौकों पर साल में 3 बार सुपरसीरीज के फाइनल तक पहुंची हैं। सबसे पहले 2010 में वो सिंगापुर, इंडोनेशिया और हॉन्गकॉन्ग ओपन के फाइनल में पहुँची और सभी को जीत लिया फिर 2012 में उन्होंने इंडोनेशिया और डेनमार्क ओपन में जीत हासिल की लेकिन फ्रेंच ओपन फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

लेखक- सुदेष्णा बनर्जी

अनुवादक- ऋषिकेश सिंह

Edited by Staff Editor

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