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प्रमोद भगत ने कहा- अगले साल पैरालंपिक्‍स में मेडल जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर से मिलने की है उम्‍मीद

सचिन तेंदुलकर से मिलना चाहते हैं प्रमोद भगत
सचिन तेंदुलकर से मिलना चाहते हैं प्रमोद भगत
Vivek Goel
SENIOR ANALYST
Modified 21 Aug 2020, 19:38 IST
न्यूज़
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मौजूदा कोरोना वायरस महामारी कई लोगों के लिए बुरे सपने की तरह रही है, लेकिन भारत के पैरा बैडमिंटन स्‍टार प्रमोद भगत के लिए यह अप्रत्‍यक्ष रूप से आशीर्वाद साबित हुई है। पूर्व नंबर-1 और एसएल 3 सिंगल्‍स व डबल्‍स वर्ग में गत वर्ल्‍ड चैंपियन प्रमोद भगत को भुवनेश्‍वर में अपने घर में रहते हुए चार महीने से ज्‍यादा समय हो गया है। मगर प्रमोद भगत को इससे कोई शिकायत नहीं है। प्रमोद भगत ने इस समय का लाभ उठाते हुए अपनी फिटनेस और मानसिक दृढ़ता पर काम किया और टोक्‍यो ओलंपिक में पैरालंपिक मेडल जीतने के सपने को पूरा करने के लिए तैयारी कर रहे हैं।

प्रमोद भगत ने कहा, 'मैंने लॉकडाउन के दौरान अपनी फिटनेस और ताकत व कमजोरियों पर काम किया। हमारे ट्रेनिंग समय के दौरान हमने अपना समय अपनी शैली, तकनीक, रणनीति और फिटनेस पर वितरीत की। अब जब हमारी ट्रेनिंग रूकी, तो मेरे पास अपनी फिटनेस और मानसिक दृढ़ता पर ध्‍यान देने के लिए काफी समय था।'

प्रमोद भगत पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं

प्रमोद भगत ने आगे कहा, 'घर में चार महीने से ज्‍यादा समय रहते हुए हो गया और इस दौरान अपने काम से मैं काफी खुश हूं। मैंने पहले कभी अपने शरीर के बारे में इतना अच्‍छा महसूस नहीं किया था। मैं पहले से फिट और ताकतवर महसूस कर रहा हूं। मैं अपने पैर सहजता से हिला पा रहा हूं और इसमें काफी संतुष्टि महसूस हो रही है। मानसिक रूप से मुझे अपने मूवमेंट्स पर काफी विश्‍वास महसूस हो रहा है। कोविड-19 दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है। मेरे लिए हालांकि, बीते समय से मुझे मेरी सबसे बड़ी चुनौती पर काम करने में मदद मिली। अपने दिव्‍यांग पैर का मूवमेंट कर पा रहा हूं।' बता दें कि बचपन से ही प्रमोद भगत का बाएं पैर पोलियो से ग्रस्‍त है। 

32 साल के प्रमोद भगत को टोक्‍यो में होने वाले 2020 पैरालंपिक गेम्‍स में मेडल का दावेदार माना जा रहा है। प्रमोद भगत ने कहा कि खेलों के स्‍थगित होने से थोड़ी निराशा हुई थी। इसके बाद अपनी फिटनेस पर काम शुरू करने व दोबारा समूह बनाने में समय लगा था। प्रमोद भगत ने कहा, 'शुरूआत में जिस तरह चीजें हो रही थी, उससे मैं निराश था। मैंने पैरालंपिक गेम्‍स में खेलने का इतने बरसों से सपना देखा था। पहले हमें रियो ओलंपिक 2016 में उम्‍मीद जागी थी। अब टोक्‍यो में पैरा बैडमिंटन अपना डेब्‍यू करने जा रहा है। यह स्‍थगित हो गया। वह समय निराशाजनक था। मगर फिर ट्रेनिंग और सकारात्‍मक रहने से मैंने खुद को संभाला। मैं हमेशा खुद से कहता हूं कि गेम्‍स के लिए खुद को फिट रखना है, भले ही इसके लिए अगले पांच साल तक इंतजार क्‍यों नहीं करना पड़े।'

सचिन तेंदुलकर से मुलाकात का इंतजार

पांच बार के वर्ल्‍ड चैंपियन प्रमोद भगत ने चार महीने के अंतर के बाद भुवनेश्‍वर के रेलवे इंडोर स्‍टेडियम में अभ्‍यास शुरू किया है। प्रमोद भगत ने कहा, 'गेम्‍स के स्‍थगित होने से हमारा दिमाग और शरीर रिलेक्‍स मोड में चला गया। इसलिए सक्रिय रहने और फिटनेस स्‍तर बरकरार रखना जरूरी है।' अभी प्रमोद भगत का सपना अगले साल टोक्‍यो में पैरालंपिक मेडल जीतकर महान बल्‍लेबाज सचिन तेंदुलकर से मुलाकात करना है, जिसे वो सौम्‍य व्‍यक्ति और सच्‍चा खिलाड़ी मानते हैं। 

प्रमोद भगत ने कहा, 'पैरालंपिक मेडल जीतने से मेरे दो सपने एकसाथ पूरे हो जाएंगे। सचिन तेंदुलकर जी मेरे आदर्श हैं और वह रियो 2016 के ओलंपिक व पैरालंपिक मेडलिस्‍ट से मिले थे और उन्‍हें शुभकामनाएं दी थी। मुझे उम्‍मीद है कि टोक्‍यो गेम्‍स के बाद पैरालंपिक मेडल अपनी गर्दन पर लटकाए तेंदुलकर से मिल सकूंगा।'

Published 21 Aug 2020, 19:37 IST
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