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सिंधु के प्रदर्शन से प्रभावित अश्विन ने कहा, उम्मीद करता हूं मेरी बेटी भी एक दिन बैडमिंटन खेलेगी

ANALYST
Modified 11 Oct 2018, 13:51 IST
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.@Pvsindhu1, I hope my daughter plays badminton one day, says @ashwinravi99 in this delightful message. pic.twitter.com/u5KQ6eqzBW — BCCI (@BCCI) August 19, 2016
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भारत ने रियो ओलंपिक्स 2016 में बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के महिला सिंगल्स फाइनल में शानदार प्रदर्शन की बदौलत दूसरा पदक जीता। 21 वर्षीय सिंधु फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने से जरुर चूकी, लेकिन उन्होंने प्रदर्शन से लाखों, करोड़ो भारतीयों का दिल और रजत पदक जीता। देशवासियों ने युवा भारतीय सनसनी का फाइनल मैच टीवी या अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर देखा और भले ही वह जीतने में विफल रही हो, लेकिन बैडमिंटन स्टार को कई सोशल मीडिया चैनल्स के द्वारा समर्थन दिया जा रहा है। भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने सिंधु को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। सिंधु ओलंपिक्स में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली महिला एथलीट बनी जबकि वह पदक हासिल करने वाली देश की पांचवी महिला खिलाड़ी बनी। अश्विन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड करते हुए सिंधु को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'सिंधु आप स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी, लेकिन आपने बहुत अच्छी प्रतिस्पर्धा की। सिंधु आपने पूरे देश को टीवी पर चिपका दिया। आप हमारे देश में खेल की महान दूत बनेंगी। मुझे उम्मीद है कि खेल यहां से उड़ान भरेगा। मैं साथ ही उम्मीद करता हूं कि मेरी बेटी भी एक दिन बैडमिंटन खेलेगी।' भारतीय टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने में व्यस्त है। व्यस्तता के बावजूद भारतीय टीम के खिलाड़ी अपने पसंदीदा एथलीट का इवेंट जरुर देख रहे हैं। विराट कोहली पहले कह चुके हैं कि वह युसैन बोल्ट का कोई इवेंट नहीं छोड़ेंगे और अश्विन भी लगातार सिंधु के फाइनल मैच की अपडेट्स दे रहे थे। सिंधु के लिए इंटरनेट से अधिक महत्वपूर्ण बैडमिंटन है ओलंपिक्स में भारत के लिए बैडमिंटन में दूसरा पदक जीतने वाली सिंधु ने स्पोर्ट्सकीड़ा से कहा, 'पिछले तीन महीनों से मैं फोन और इंटरनेट से दूर हूं। आखिरकार कोच ने मुझे मेरा मोबाइल वापस कर दिया है। मुझे नहीं लगता कि यह कोई समझौता था क्योंकि मेरे लिए इंटरनेट से अधिक बैडमिंटन जरुरी है। मैंने उसे ही चुना जिससे मुझे सबसे ज्यादा प्यार है।' सिंधु भले ही फाइनल मैच नहीं जीत सकी हो, लेकिन उन्होंने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया है। मैच में अंत में उन्होंने एक बहुत ही अच्छा काम किया जिसने सबका दिल जीत लिया। मरीन जीत की खुशी मना रही थी तब उन्होंने अपना रैकेट कोर्ट पर ही छोड़ दिया था। सिंधु ने मरीन का रैकेट उठाया और उनके बैग के पास जाकर रख दिया तथा मरीन को स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाने दिया। 21 वर्षीय सिंधु ने देश को पदक की आस दिलाई है और उम्मीद करते हैं कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में वो पदक का रंग बदलेंगी तथा स्वर्ण जीतेंगी। Published 20 Aug 2016, 15:51 IST
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